वाराणसी / लखीमपुर खीरी / बाराबंकी । वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर रविवार को घट गया लेकिन शहर के निचले इलाकों और वरुणा नदी के किनारे बसे मोहल्लों में अब भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात का जायजा लेने पहुंचे भाजपा के विधायक सौरभ श्रीवास्तव को कश्मीरी गंज-गुरुधाम इलाके में बारिश के पानी और सीवेज जमा होने की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 69.76 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। वर्तमान जलस्तर चेतावनी के निशान यानी 70.262 मीटर से नीचे है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। गंगा में अब तक दर्ज किया गया सर्वाधिक जलस्तर 73.901 मीटर है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि गंगा और वरुणा नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाकों में पानी भर गया तथा बाढ़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले में इस समय 13 बाढ़ राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां प्रभावित 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं। इन शिविरों में लोगों को भोजन, पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

जिला प्रशासन ने बताया कि जहां सीवर और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। कंदवा क्षेत्र के नीलकंठ पुरम कॉलोनी में पंप मशीनों से जल निकासी की जा रही है। इस बीच, लखीमपुर खीरी में बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने की मात्रा कम होने के बाद पलिया पुल के पास शारदा नदी का जलस्तर घटा है हालांकि नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बनबसा बैराज के अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात 10 बजे शारदा नदी में पानी का बहाव।,25,310 क्यूसेक था,जो रविवार अपराह्न दो बजे घटकर।,22,800 क्यूसेक रह गया। पलिया के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) पुष्पक ने बताया कि शारदा नदी के जलस्तर में थोड़ी कमी आई है लेकिन पलिया पुल पर नदी अब भी खतरे के निशान से करीब 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
उन्होंने बताया कि शारदा नदी में उफान से पलिया तहसील क्षेत्र के कुछ इलाके और गांवों के रास्ते जलमग्न हो गये हालांकि, अब तक किसी गांव के पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आने की सूचना नहीं है। बिजुआ थाना क्षेत्र के ढकिया गांव में एक छोटे मंदिर के बह जाने के सवाल पर एसडीएम ने बताया कि वह गांव के बाहरी हिस्से में नदी की मुख्यधारा के पास बना छोटा मंदिर था जबकि गांव का मुख्य मंदिर सुरक्षित है और नदी से दूर है। इस बीच, निघासन और लखीमपुर तहसील के कई गांवों में शारदा नदी के बढ़े जलस्तर और शनिवार से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की सूचना मिली है। अधिकारियों के अनुसार, लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी (डीएम) अंजनी कुमार सिंह और निघासन के एसडीएम यदुवीर सिंह बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद और सहायता का भरोसा दिलाया। बाराबंकी जिले के तहसील रामनगर क्षेत्र से गुजर रही घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित संजय सेतु एल्गिन ब्रिज के पास नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान से 29 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया, जिससे तटवर्ती गांवों में चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी पवन कुमार ने बताया कि शनिवार को जलस्तर 106.340 मीटर था, जो खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर था।
रविवार को इसमें दो सेंटीमीटर की और वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों और खेतों में पानी घुसने की आशंका है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह के निर्देश पर तहसील प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर नजर रख रहा है। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह ने तटवर्ती ग्रामीणों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।





