लखनऊ। भगवान शिव का प्रिय महीना यानी सावन सोमवार, 22 जुलाई 2024 से हो चुका है। सावन सोमवार के दिन भक्तों द्वारा व्रत आदि भी किया जाता है। ऐसे में 5 अगस्त को सावन के तीसरे सोमवार का व्रत किया जाएगा। आप इस दिन सरल विधि से शिव जी की पूजा कर उनकी कृपा के पात्र बन सकते हैं। सावन के तीसरे सोमवार के दिन व्यतिपात योग का निर्माण हो रहा है। सावन का महीना 22 जुलाई से आरंभ हो चुका है। दूसरी तरफ व्यतिपात योग में पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती है, अमंगल भी मंगल में बदल जाता है। व्यतिपात में भोलेनाथ की पूजा करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है। आइए जानते हैं सावन सोमवार को किन चीजों का दान करना चाहिए।
इस तरह करें पूजा
सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद मंदिर जाकर या घर पर ही आप पूजा कर सकते हैं। इसके लिए हाथ में अक्षत तथा फूल लेकर दोनों हाथ जोड़ें और भगवान शिव का आह्वान करें। इसके बाद इन फूलों को शिव जी को समर्पित कर दें। सबसे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। इसके बाद सफेद चंदन से भगवान को तिलक लगाएं। अब शिवलिंग पर सफेद पुष्प, धतुरा, बेल-पत्र, भांग आदि अर्पित करें और दीप जलाकर भगवान शिव की आरती करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर हमेशा 3 पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र साबुत होना चाहिए। बेलपत्र को हमेशा चिकने सतह की ओर से शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। पूजा के बाद पूरे दिन का उपवास रखें। इसके बाद शाम के समय शिव जी के समक्ष दीपक जलाएं और भगवान शिव को प्रसाद अर्पित करें। पूजा के बाद आप प्रसाद और कुछ फल ग्रहण कर अपना व्रत खोल सकते हैं।
बेहद शुभ है सावन का तीसरा सोमवार
सावन का तीसरा सोमवार व्रत 5 अगस्त 2024 को रखा जा रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन उपवास रखने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में सावन माह को पूजा पाठ के लिए अधिक शुभ माना गया है। इस दौरान चातुर्मास होने के कारण पूरी सृष्टि का संचालन भगवान शिव के हाथों में होता है। इसलिए इस माह में सभी शुभ मांगलिक कार्यक्रम में भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।
सावन के तीसरे सोमवार को बेहद खास माना गया है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से सभी रुके हुए कार्यों को गति मिलती है। वहीं वैवाहिक जीवन खुशहाली के लिए सुहागिनें इस दिन व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के तीसरे सोमवार पर महादेव के 108 नाम जपने पर मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही मन से डर भय दूर होते हैं। इस दौरान कुछ खास उपाय करने से धन लाभ के योग भी बनते हैं। ऐसे में आइए इन उपायों के बारे में जान लेते हैं।
पूजन विधि
सावन के तीसरे सोमवार पर सुबह ही स्नान कर लें। इसके बाद पूजा स्थान पर सभी पूजन सामग्रियों को एकत्रित कर लें। इसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार दूध से शिव जी का अभिषेक करें। घी का दीपक जलाएं। फिर उन्हें चंदन, फूल, बेलपत्र, भांग की पत्तियां, शमी के पत्ते और मिठाई चढ़ाएं। इसके बाद धूप-दीप अर्पित करें। अब शिव चालीसा का पाठ करें। यदि आपका व्रत है, तो सोमवार व्रत कथा का पाठ करें। अंत में भोलेनाथ की आरती करें।
सावन सोमवार पर करें ये तीन उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आप पैसों की तंगी का सामना कर रहे हैं, तो सावन के तीसरे सोमवार पर शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं। माना जाता है कि इससे धन आगमन के स्रोत बनते हैं।
सावन सोमवार पर गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करें। माना जाता है कि इससे कार्यों में सफलता के योग बनते हैं।
इस दौरान बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
सावन सोमवार का महत्व
सावन सोमवार का व्रत करने से व्यक्ति को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त हो सकता है। यदि आपके वैवाहिक जीवन में कोई समस्या आ रही है तो आप सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें. कार्यों में सफलता, रोग, दोष, कष्ट आदि से मुक्ति, धन, सुख, समृद्धि आदि की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखना चाहिए।
शहर के शिवालयों में शृंगार संग होगा बाबा का जलाभिषेक
लखनऊ। सावन माह के तीसरे सोमवार को लेकर राजधानी के सभी शिव मंदिरों में तैयारी पूरी हो गई हैं। देर रात से ही मंदिर रोशनी से जगमगा उठे। श्रद्धालुओं की कतार भी रात से लग गई। राजेन्द्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में रात 12 बजे कपाट खुल जाएंगे। इस मौके पर राजधानी में कहीं भस्म आरती तो कहीं जलाभिषेक किया जायेगा। वहीं महाकाल मंदिर में उज्जैन स्थित महाकाल की तर्ज पर भस्म आरती होगी। आरती के बाद भक्त जल व दुग्धाभिषेक कर सकेंगे।
चौक स्थित कोतवालेश्वर मंदिर में रोज की तरह जलाभिषेक से पूजन की शुरूआत होगी। बाबा का फल फूल और मेवे से श्रृंगार होगा। सुबह और शाम भोलेनाथ की भव्य आरती होगी। उधर, सदर स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग के कपाट सुबह पांच बजे खुल जाएंगे। भोलेनाथ का भव्य श्रृंगार होगा। भक्त भोलेनाथ, मां पार्वती और गणेश जी के एक साथ दर्शन कर सकेंगे। डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर में देर रात से ही भक्तों की भीड़ जुटने लगी। 51 लीटर दुग्ध से भोलेनाथ का अभिषेक होगा। भोर में चार बजे भोलेनाथ की आरती के साथ मंदिर के कपाट खुलेंगे। भोलेनाथ नग जणित पगड़ी पहन कर दर्शन देंगे। भक्त, जल, दुग्ध, बेलपत्र, धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ का पूजन करेंगे।
मनकामेश्वर मंदिर :
मनकामेश्वर मंदिर में सुबह 5 बजे भक्तों के लिए कपाट खोल दिए जाएंगे और पूरे सावन भर यही समय रखा जाएगा। सुबह 50 बजे से लेकर शाम 6:30 बजे तक भक्त शिव शंकर का रुद्राभिषेक कर सकेंगे। सोमवार को ज्यादा भीड़ होने की वजह से इस दिन मंदिर में खास व्यवस्था होगी। महिला और पुरुषों के लिए अलग लाइन होगी। महिला और पुरुष अलग-अलग कोने से भोलेनाथ को जल अर्पित कर सकेंगे, इसके बाद एक घंटे के लिए 8 बजे रात में मंदिर को बंद किया जाएगा। इसमें आरती की जाएगी, इसके बाद 9 से दोबारा भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए जाएंगे, जो कि रात 12 बजे तक खुले रहेंगे।
श्री महाकाल मंदिर, राजेंद्र नगर:
श्री महाकाल मंदिर राजेंद्र नगर में सुबह 4 बजे कपाट खुल जाएगा, जिसमें पुजारी पूजा करेंगे। अखंड ज्योत जलाई जाएगी, जो पूरे सावन माह भर जलेगी। यहां पर 24 घंटे भक्तों के कपाट खुले रहेंगे। सुबह 6:30 बजे से लेकर करीब 12 बजे तक भक्त रुद्राभिषेक कर सकेंगे, फिर 1 बजे से लेकर करीब 3 बजे तक उन भक्तों को समय दिया जाएगा जिन्होंने एडवांस बुकिंग की है। शाम 4 बजे बाबा का श्रृंगार होगा और शाम 5:30 भक्तों के लिए दोबारा कपाट खोल दिए जाएंगे, इसके बाद रात 8 बजे आरती होगी। इसके बाद मंदिर भक्तों के लिए रात 12 बजे तक खुला रहेगा। सुबह के 5 बजे महाआरती होगी। भस्म आरती रोज प्रात: 4 बजे होगी, जो पूरे सावन महीने भर चलती रहेगी, साथ ही महादेव को छप्पन भोग का प्रसाद भी चढ़ाया जाएगा।
यहां भी होंगे आयोजन:
चैपटिया स्थित प्राचीन बड़ा शिवाला में सावन के तीसरे सोमवार पर भी भोलेनाथ का फूलों से शृंगार होगा। तथा आचार्यो द्वारा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जायेगा। नादान महल रोड पर स्थित सिद्धनाथ मन्दिर सजावट व भोलेनाथ का श्रंगार देखने वाला होता है। प्राचीनकाल से चला आ रहा यहां का रुद्राभिषेक प्रसिद्ध है। प्रत्येक सोमवार को करीब 50 लीटर दुध से भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मन्दिर में कई कुंटल फूलों से भोलेनाथ का शृंगार और रुद्राभिषेक होगा। आगामीढ़ ढ्योढ़ी सुभाष मार्ग स्थित महामंगलेश्वर महादेव मन्दिर सावन के तीसरे सोमवार को गेंदा, गुलाब, चांदनी आदि फलों से मन्दिर को सजाया जाएगा।





