लखनऊ। सावन का सातवां सोवमार दिनांक 21 अगस्त दिन सोमवार को है। इस दिन सावन माह की पंचमी तिथि है। यानी कि सावन सोमवार के दिन नाग पंचमी भी मनाई जाएगी। नागपंचमी के दिन नाग देवती की पूजा की जाती है।
अधिकमास खत्म होते ही एक बार फिर से सावन का बाकी बचा पवित्र महीना आरंभ हो जाएगा। इस बार अधिकमास के कारण सावन का महीना करीब 58 दिनों तक है। सावन में भगवान शिव की विशेष पूजा आराधना करने का महत्व होता है और इसी सावन में आने वाली सभी सोमवार का दिन खास होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा आराधना के लिए समर्पित होता है। इस वर्ष सावन में कुल 8 सोमवार व्रत रखे जाएंगे। जिसमे से 6 सावन सोमवार पूरे हो चुके हैं और अब सावन का 7वां सोमवार है। सावन का सातवां सोमवार बहुत ही खास रहने वाला है क्योंकि इस दिन नाग पंचमी का त्योहार भी मनाया जाएगा। भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए सावन सोमवार का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त सावन सोमवार पर विधि.विधान से साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करता है उसका दांपत्य जीवन सुखी और हर तरह की सुख.समृद्धि की प्राप्ति होती है। सावन सोमवार व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। सावन का 7वां सोमवार 21 अगस्त 2023 को है। हिंदू पंचांग के अनुसार सावन के सातवें सोमवार पर शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है और सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। सावन सोमवार और नाग पंचमी के संयोग पर शिव उपासना का महत्व काफी बढ़ गया है क्योंकि नाग पंचमी पर नाग देवता है पूजा होगा और सावन सोमवार पर भगवान शिव की।
7वां सावन सोमवार 2023 मुहूर्त
सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 21 अगस्त को सुबह 12:21 मिनट से 22 अगस्त 2023 को प्रात: 02 बजे तक रहेगी।
सावन सोमवार व्रत का महत्व
सावन महीने के प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर के मंदिर में जाकर उनकी पूजा करनी चाहिए और संभव हो तो निराहार व्रत करना चाहिए अथवा एक भुक्त अर्थात एक समय भोजन करना चाहिए। इससे भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं एवं शिव सायुज्य मुक्ति प्राप्त होती है।
यहां भी होंगे आयोजन
चौपटिया स्थित प्राचीन बड़ा शिवाला में सावन के सातवें सोमवार पर भी भोलेनाथ का फूलों से शृंगार होगा। तथा आचार्यो द्वारा रुद्राभिषेक का आयोजन किया जायेगा। नादान महल रोड पर स्थित सिद्धनाथ मन्दिर सजावट व भोलेनाथ का श्रंगार देखने वाला होता है। प्राचीनकाल से चला आ रहा यहां का रुद्राभिषेक प्रसिद्ध है। प्रत्येक सोमवार को करीब 50 लीटर दुध से भोलेनाथ का अभिषेक करेंगे। चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मन्दिर में कई कुंटल फूलों से भोलेनाथ का शृंगार और रुद्राभिषेक होगा। आगामीढ़ ढ्योढ़ी सुभाष मार्ग स्थित महामंगलेश्वर महादेव मन्दिर सावन के सोमवार को फूलों व फलों से मन्दिर को सजाया जाएगा। मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मन्दिर में पूरे सावन भर तथा सावन के बुधवार को यहां मेला लगेगा। खदरा के आशुतोष शिव मन्दिर के महंत सुरेन्द्र दास ने बताया कि सावन के सभी सोमवार को ओम नम: शिवाय का संगीतमय पाठ होगा।
सावन के सातवें सोमवार पर सुबह स्नान के बाद व्रत और शिवजी की पूजा का संकल्प लें। सुबह शुभ मुहूर्त में किसी शिव मंदिर में जाकर या घर ही शिवलिंग की विधि पूर्वक पूजा अर्चना करें। गंगाजल या दूध से शिवजी का अभिषेक करें। इसके बाद भगवान शिव शम्भू को को चंदन, अक्षत, सफेद फूल, बेलपत्र, भांग की पत्तियां, शमी के पत्ते, धतूरा, भस्म और फूलों की माला अर्पित करें। इसके बाद शिव जी को शहद, फल, मिठाई, शक्कर, धूप-दीप अर्पित करें। शिव चालीसा का पाठ और सोमवार व्रत कथा का पाठ करें। आखिर में शिवलिंग के समक्ष घी का दीपक जलाएं और भोलेनाथ की आरती करें।





