- आगरा, गाजियाबाद, कानपुर और प्रयागराज समेत 16 शहरों ने टॉप रैंकिंग में बनाई जगह
- वार्ड स्तर पर भी यूपी की उपलब्धि, लखनऊ का वार्ड-70 देश में नंबर-1
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वच्छ हवा को लेकर किए जा रहे लगातार प्रयासों ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने पहली बार इंदौर को पीछे छोड़ते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
बीते साल अपना शहर 15वें पायदान पर था। साल 2022 में अपना शहर देश में पहले पायदान पर आया था। यह पुरस्कार 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में मिला है। वार्डों की श्रेणी में पेपर मिल कॉलोनी वार्ड को भी देश में पहला पुरस्कार मिला है। सोमवार को दिल्ली में पर्यावरण भवन में आयोजित कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल ने पुरस्कार ग्रहण किया। इस मौके पर नगर आयुक्त गौरव कुमार भी मौजूद रहे। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जो शहर देश में टॉप थ्री हैं। उनमें लखनऊ पहले नंबर पर, इंदौर दूसरे नंबर पर और जबलपुर तीसरे नंबर पर है।
लखनऊ ने 198 अंक के साथ प्रथम स्थान जबकि इंदौर 197 और जबलपुर 195 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे हैं। यह उपलब्धि केवल राजधानी लखनऊ तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 16 शहरों ने अलग-अलग आबादी वर्गों में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में स्वच्छ वायु को लेकर शहर स्तर से लेकर वार्ड स्तर तक योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। आगरा 192 अंकों के साथ चौथे, गाजियाबाद 184 अंकों के साथ नौवें, कानपुर 183.2 अंकों के साथ 11वें और प्रयागराज 180 अंकों के साथ 13वें स्थान पर रहा। मेरठ 22वें और वाराणसी 34वें स्थान पर रहे। इस रैंकिंग से यह संकेत मिलता है कि स्वच्छ हवा को लेकर प्रदेश के बड़े शहरों में किए जा रहे प्रयासों का असर व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।
मध्यम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद ने 195 अंक हासिल कर देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शहर में कांच उद्योगों को स्वच्छ प्राकृतिक गैस ईंधन की ओर तेजी से स्थानांतरित करने को अहम उपलब्धि माना गया। झांसी 192.5 अंकों के साथ पांचवें, जबकि मुरादाबाद और नोएडा 187.5-187.5 अंकों के साथ संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर रहे।
गोरखपुर 22वें और बरेली 26वें स्थान पर रहा। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी यूपी के शहरों ने प्रभावी प्रदर्शन किया। रायबरेली 180.5 अंकों के साथ 17वें स्थान पर रहा। अनपरा 29वें, खुर्जा 30वें और गजरौला 31वें स्थान पर रहे। इन शहरों में धूल नियंत्रण और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों को प्रमुखता मिली।
स्वच्छ वायु प्रबंधन को शहरों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर भी प्रभावी कदम उठाए गए। 30 हजार से अधिक आबादी वाले शहरी वार्डों की राष्ट्रीय श्रेणी में लखनऊ के जोन-4 स्थित वार्ड-70 ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में प्रयागराज के वार्ड-31 ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। राज्य स्तरीय वार्ड पुरस्कारों में कानपुर के वार्ड केएनपी078, प्रयागराज के वार्ड-33 और बरेली के गांधी उद्यान वार्ड-32 को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। खुले में कूड़ा जलाने पर प्रभावी रोक और स्थानीय स्तर पर धूल नियंत्रण जैसे उपायों को इसमें महत्वपूर्ण माना गया। प्रदेश में स्वच्छ हवा के लिए नगर विकास विभाग, स्थानीय नगरीय निकायों और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समन्वय से विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई की गई।
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत तैयार और लागू की गई समन्वित रणनीति का असर लखनऊ के देश में पहले स्थान समेत यूपी के कई शहरों और वार्डों की राष्ट्रीय रैंकिंग में दिखाई दिया है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्तर प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन किया है। श्रेणी-1 में लखनऊ नगर निगम को प्रथम पुरस्कार हासिल करने के साथ ही 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली है।
वहीं श्रेणी-2 में फिरोजाबाद नगर निगम को प्रथम पुरस्कार के साथ 25 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई है। वार्ड स्तर पर भी प्रदेश को महत्वपूर्ण सफलता मिली। लखनऊ नगर निगम के वार्ड-70 को प्रथम पुरस्कार के साथ 50 लाख रुपये, प्रयागराज नगर निगम के वार्ड-31 ने तृतीय पुरस्कार के साथ 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है।





