- 9 से 24 सितंबर तक प्रयागराज में नौ बैचों में होगी टीओटी एवं मास्टर ट्रेनर कार्यशाला
लखनऊ। प्रदेश की बेटियों को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण देने के लिए योगी सरकार विद्यालय स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों को और मजबूत करने जा रही है। इसी क्रम में विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के तहत मीना मंचों के सशक्तीकरण और नेतृत्व क्षमता विकास के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रयागराज स्थित एसआईईएमएटी में 9 से 24 सितंबर तक नौ बैचों में ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स (टीओटी) एवं मास्टर ट्रेनर (एमटी) कार्यशाला आयोजित होगी। इसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 450 प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रत्येक बैच में 50 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में मीना मंचों को प्रभावी बनाने, बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। साथ ही यौन शोषण से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिभागियों की क्षमता का भी संवर्धन किया जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले टीओटी और मास्टर ट्रेनर आगे संबंधित स्तरों पर अन्य कार्मिकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे विद्यालयों में बालिकाओं की सहभागिता बढ़ाने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। कार्यशाला के पहले और दूसरे बैच का आयोजन 9 व 10 सितंबर, तीसरे और चौथे बैच का 11 व 12 सितंबर, सातवें और आठवें बैच का 16 व 17 सितंबर, पांचवें और छठे बैच का 21 व 22 सितंबर तथा नौवें बैच का 23 व 24 सितंबर को होगा।
कार्यशाला में प्रदेश के 75 जनपदों से प्रतिभागियों की सहभागिता होगी। प्रत्येक जनपद से छह प्रतिभागी शामिल किए जाएंगे। प्रशिक्षण के जरिए मीना मंचों को केवल गतिविधि आधारित मंच के बजाय बालिकाओं के नेतृत्व, सुरक्षा जागरूकता और सशक्तीकरण के प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मीना मंच बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम है और 450 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण इस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है, जो आगे विद्यालय स्तर पर मीना मंचों की गतिविधियों और बालिकाओं के सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सके।





