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लखनऊ। सिंगापुर की प्रतिष्ठित संस्था प्लास्टिक कचरा खत्म करने के लिए गठबंधन के विशेषज्ञों की एक टीम ने सोमवार को लखनऊ नगर निगम द्वारा किए जा रहे ठोस कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन कार्यों का अध्ययन किया। टीम ने नगर निगम की विभिन्न व्यवस्थाओं को समझने के साथ ही कचरे से उपयोगी संसाधन और आय के साधन विकसित करने के प्रयासों की जानकारी ली। प्रतिनिधिमंडल में टेड टॉथ, डॉ. सी. एस. कार्तिकेयन, सौरभ बोथरा और पीयूष शर्मा शामिल थे।
स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव ने विशेषज्ञों को लखनऊ में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों और नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। बैठक में घर-घर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे को अलग करना, कचरे की छंटाई, प्रसंस्करण, कंपोस्ट बनाने और प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सिंगापुर की टीम ने नगर निगम के मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर का भी निरीक्षण किया। यहां टीम ने सूखे कचरे की छंटाई और प्लास्टिक सहित अन्य उपयोगी वस्तुओं को अलग कर पुनर्चक्रण के लिए भेजने की प्रक्रिया को समझा।
विशेषज्ञों ने इस बात पर भी चर्चा की कि कचरे से अधिक से अधिक उपयोगी सामग्री कैसे प्राप्त की जा सकती है और प्लास्टिक कचरे का बेहतर तरीके से पुनर्चक्रण कैसे किया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने पुराने जमा कचरे यानी लीगेसी वेस्ट के प्रबंधन से जुड़े कार्यों का भी अध्ययन किया। टीम को पुराने कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और उसके बाद उस भूमि के दोबारा उपयोग की जानकारी दी गई।
नगर निगम द्वारा पुराने कचरे के निस्तारण के जरिए पर्यावरण सुधार और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ टीम ने शिवरी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के कार्यों की भी जानकारी ली। इस दौरान प्लांट में आने वाले कचरे, उसकी प्रसंस्करण क्षमता और कचरे से बनने वाले विभिन्न उत्पादों के उपयोग पर चर्चा की गई।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कचरे के प्रसंस्करण से बनने वाले आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाए। इससे लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा कम होगी और प्लांट के लिए आय का एक स्थायी साधन भी विकसित हो सकेगा। इसके अलावा कचरे से बनने वाली खाद के बेहतर उपयोग और उसके लिए बाजार उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में प्लास्टिक कचरे के संग्रह, छंटाई, पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों और नगर निगम अधिकारियों ने इस बात पर विचार किया कि प्लास्टिक कचरे को लैंडफिल में जाने से कैसे रोका जाए और उसे अधिक से अधिक पुनर्चक्रण कर उपयोगी संसाधन में बदला जाए।
सिंगापुर की टीम ने लखनऊ नगर निगम की ओर से कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। बैठक में सिंगापुर और लखनऊ के बीच ठोस कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, कचरे से संसाधन प्राप्त करने और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्थाओं के क्षेत्र में अनुभव साझा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।





