आशियाना जैन मन्दिर में धर्मसभा कर जैन धर्म संस्कृति को जयवन्त किया
लखनऊ। वर्तमान युग के महान जैन धर्म प्रवर्तक गणाचार्य श्री विराग सागर महाराज 04-07-2024 को प्रात: 03 बजे समाधि मरण जिला जालना (महाराष्ट्र )के निकटवर्ती ग्राम देवमूर्ति सिन्धखेड़ा संघस्थ मुनिराजों और अर्यिका माताओं के मंत्रों सम्बोधन के साथ हो गया।
विराग सागर महाराज ने सर्वाधिक 350 दिगम्बर मुनि दीक्षायें प्रदान की जिनमें से 09 मुनिराजों को आचार्य पद प्रदान कर गणाचार्य बनें।
महाराजश्री स्वयं 75 मुनिराजों एवं अर्जिका माताओं के साथ 25 मई 2018 लखनऊ में पधारे और आशियाना जैन मन्दिर में धर्मसभा कर जैन धर्म संस्कृति को जयवन्त किया। आपके परम प्रभावी शिष्य आचार्य विशुद्ध सागर और आचार्य विमर्श सागर का मंगल आशीर्वाद लखनऊ वासियों को मिला।
जैन समाज लखनऊ के मन्दिरों में सायंकाल महामंत्र णमोकार मंत्र की एक माला द्वारा आचार्य विराग सागर को विनयांजलि दी गयी।





