लखनऊ। 4 सितंबर को आयोजित होने वाली डालीगंज स्थित श्रीमाधव मंदिर में श्री कृष्ण प्राकट्योत्सव पर श्रीराधामाधव भव्य फूलों का श्रंगार, ब्रजरुपी कलाकारो द्वारा महारास एवम बाल लीलाओं का मंचन, इलेक्ट्रॉनिक झालरो व 5000 गुब्बारें का डेकोरेशन, दक्षिणावर्त श्रीलक्ष्मी शंख से भगवान श्रीकृष्ण का पंचाभिषेक, 56 प्रकार के भोग झाकी, दही हाडी फोडने, श्री कृष्ण जन्माउत्सव पर सुप्रसिद्ध भजन गायक धनजय मित्तल द्वारा भजनों की वर्षा, लॉर्ड कृष्णा संग सेल्फी प्वाइंट तथा आनंद उत्सव पर खुशी में जमकर प्रसाद लुटाने का कार्यक्रम ब्रज की तर्ज पर आयोजन किया गया जाएगा ये जानकारी संयोजक अनुराग साहू ने दिया।
संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि लखनऊ शहर के श्री कृष्णा जन्माष्टमी उत्सव सूफियान अंदाज में सूफी भजन गायक धनंजय मित्तल, नितीश सिंह ने शमा बंधेगे माधव मन्दिर के एफबी पेज राधामाधवएलकेओ से घर बैठे भक्तो ने लाइव दर्शन किया राकेश साहू ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मष्टमी का सीधा प्रासरण किया गया श्री राधामाधव के श्वेताम्बर बनारसी वस्त्रों, चॉदी के मुकूट धारण किये आलौकिक दर्शन व जन्म से पहले दक्षिणावर्त श्रीलक्ष्मी शंख से भगवान श्रीकृष्ण का पंचाभिषेक च्चरण के साथ अभिषेक किया जाएगा।
पांच हजार गुब्बारों व झालरों से सजेगा मंदिर:
देशी विदेशी फूलों का श्रृंगार के साथ पूरें मन्दिर परिसर में एल.इ.डी, तेजर लाइटो व इलेक्टानिक झालरो से जगमागता श्री माधव मन्दिर बाहर का परिसर तथा अनन्द जन्मोत्सव की थीम पर 5000 गुब्बारें का डेकोरेशन बच्चे व लोगो को अपनी ओर आकर्षित करेगा। श्री राधा माधव सेवा संस्थान के सदस्य बिहारी लाल साहू, भारत भूषण गुप्ता, धनश्याम दास अग्रवाल, गोविन्द साहू, श्यामजी साहू, ओमकार जायसवाल, राकेश साहू, मनोज साहू, दिनेश अग्रवाल, दीपक महरोत्रा, माया आनंद ने 56 प्रकार के भोग की झांकी में लडडू, बर्फी, रसगुल्ला स्वीठर्स से लेकर ड्राई फ्रुडर्स, फल केला, आम, अनार, अंगूर, इस प्रकार के 56 भोग संस्था के सदस्यों द्वारा लगाया जाएगा।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर भव्य महाआरती के बाद पंचमेल प्रसाद वितरण किया गया। फिर यहा दही हाडी फोरी गयी जो कि 15 फिट की ऊचाई पर 15 ग्वालो के साथ प्रभु श्रीकृष्ण रुपी निकुंज साहू ने ग्वालो पर चढकर मटकी फोड़ेगा।
यहां भी होंगे आयोजन:
अवध नगरी के बासमंडी स्थित श्री गौर राधाकृष्ण मंदिर, डालीगंज स्थित श्रीमाधव मंदिर के राधा माधव सेवा संस्थान, नाका चौराहे से न्यू गणेशगंज मार्ग पर डिजिटल मूविंग झांकी, रिजर्व पुलिस लाइन, महानगर स्थित 35वीं बटालियन पीएसी परिसर आदि जगह पर विशेष आयोजन होंगे। सभी मंदिरों की सफाई, रंगाई-पुताई आदि का काम भी लगभग पूजा हो चुका है। बीरबल साहनी मार्ग स्थित खाटू श्याम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग चढ़ाया जाएगा।
कान्हा जी की सजेगी झांकी :
जन्माष्टमी के दिन कुछ घरों में कान्हा जी की सुंदर-सुंदर झांकियां सजाई जाती हैं। आप चाहे तो अपने घर में भी श्री कृष्ण की झांकी सजा सकते हैं। रात को 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भगवान कृष्ण के बाल रूप को झूला झुलाया जाता है। पूजन के बाद बाल गोपाल को भोग लगाएं और आप खुद भी फलाहार कर सकते हैं।
इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू:
राजधानी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी। इस्कॉन मंदिर समिति ने धूमधाम से विशेष आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। समितियों का दावा है कि मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा को देखते हुए ही सारी तैयारियां करने पर जोर दिया जा रहा है। शहीद पथ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित इस्कॉन मंदिर के मीडिया कोआॅर्डिनेटर श्रवण सिंधु दास ने बताया कि इस बार 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी।
वृंदावन से ठाकुर जी के लिए जरी, मोती व जेवरात से सजे विशेष वस्त्र आएंगे। यह वस्त्र उसी दिन भगवान श्रीकृष्ण को पहनाए जाएंगे। उससे पहले वृंदावन से ही संकीर्तन टोली 24 घंटे विशेष पूजा-अर्चना करेगी। भक्तों को ठाकुर जी का अभिषेक करने का मौका भी दिया जाएगा। उनका अभिषेक दूध, दही और 1008 तीर्थों के जल से किया जाएगा। ठाकुर जी का अभिषेक करने के लिए भक्तों को पहले से मंदिर समिति से मिलना होगा। श्री श्री राधारमण बिहारी जी मन्दिर इस्कॉन में वाटिका, गौशाला को धूमधाम से सजाया जाएगा।
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जन्माष्टमी पर ग्रहों का दुर्लभ संयोग, 4 राशियों के लिए शुभ
लखनऊ। इस बार जन्माष्टमी का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के दिन कई प्रमुख ग्रह अनुकूल स्थिति में रहेंगे। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में, सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में और शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेंगे। वहीं मंगल और शुक्र के बीच नवपंचम योग भी बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति कुछ राशियों के लिए करियर में प्रगति, आय में बढ़ोतरी और आर्थिक अवसरों के संकेत दे सकती है। जन्माष्टमी के दिन कई ग्रहों की अनुकूल स्थिति को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंद्रमा और गुरु की उच्च स्थिति के साथ सूर्य और शुक्र का अपनी-अपनी राशियों में होना इस दिन को विशेष बना रहा है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति अलग होने के कारण परिणाम भी अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इन ज्योतिषीय संकेतों को सामान्य राशिफल के तौर पर देखना चाहिए। आर्थिक निवेश, नौकरी या कारोबार से जुड़े बड़े फैसले अपनी परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह के आधार पर ही लेना उचित रहेगा।
वृषभ राशि
जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा आपकी राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे। इसका सकारात्मक असर आपके आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में भी समय अनुकूल रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने के साथ अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं।नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है। वहीं व्यापार करने वाले लोगों को किसी नए संपर्क या योजना से फायदा मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल भी सकारात्मक रहेगा और घर में सुख-शांति बनी रह सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए जन्माष्टमी का ग्रह संयोग विशेष माना जा सकता है। गुरु आपकी राशि में उच्च अवस्था में रहेंगे और चंद्रमा भी लाभ भाव में उच्च स्थिति में होंगे। वहीं सूर्य धन भाव में रहेंगे। इन ग्रह स्थितियों के चलते नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से जिस काम या प्रोजेक्ट के पूरा होने का इंतजार था, उसमें प्रगति हो सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और आय के साथ बचत पर भी ध्यान देने का मौका मिलेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए भी जन्माष्टमी का दिन करियर और व्यापार के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। लाभ भाव में गुरु की शुभ स्थिति आर्थिक फायदा दिलाने वाली मानी जाती है। कारोबारियों को कोई बड़ा आॅर्डर, नया क्लाइंट या महत्वपूर्ण डील मिल सकती है। विदेश से जुड़े व्यापार में भी नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी करने वालों को अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने से मानसिक संतुष्टि भी मिलेगी।
धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए जन्माष्टमी का ग्रह संयोग नई योजनाओं को आगे बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को अपनी रणनीति का लाभ मिल सकता है और किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आ सकता है। प्रेम और वैवाहिक जीवन में भी परिस्थितियां बेहतर हो सकती हैं। परिवार की ओर से कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और किसी धार्मिक यात्रा की योजना भी बन सकती है।
रोहिणी नक्षत्र के संयोग में कृष्ण जन्माष्टमी
कृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसका इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है। भक्त मध्यरात्रि में कान्हा के जन्म का उत्सव मनाते हैं और उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, श्रीकृष्ण जी का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था। इसी वजह से जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मध्यरात्रि को पूजा और इस दिन पर अष्टमी तिथि व रोहिणी नक्षत्र के संयोग को बेहद खास माना गया है। कहते हैं इस शुभ संयोग में विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख-सौभाग्य बढ़ता है और अटके हुए काम पूरे होने के योग बनते हैं। इस साल 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इस साल भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरूआत 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर 25 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट पर होगा। तिथि के अनुसार, 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को ही कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी के दिन मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का संयोग भी बन रहा है।





