कार्यक्रम का आरंभ वसंत सकरगाए के कविता पाठ से हुआ
लखनऊ। भोपाल से आए कवि वसंत सकरगाए के कविता संग्रह कागज पर आग पर केन्द्रित कार्यक्रम 10 विधान सभा मार्ग पर सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आरंभ वसंत सकरगाए के कविता पाठ से हुआ।
संग्रह पर बात रखते हुए फैजाबाद से आए कवि-आलोचक विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि इस समय हमारी स्मृतियों का संहार किया जा रहा है। ऐसे समय में हम वसंत सकरगाए के संग्रह पर बात करने के लिए एकत्रित हुए हैं। इनकी खासियत है कि वे बिना कोई बयान दिए बड़ा बयान कविता में दे देते हैं। ये बयान जीवन संघर्ष के बयान हैं। कई कविताएं सीधे साम्प्रदायिकता को सम्बोधित हैं। किसान के सम्मान को भी वे व्यक्त करते हैं। लोक संस्कृति भी यहां व्यक्त है। अध्यक्षता कर रहे कवि-आलोचक सुभाष राय ने की। साथ ही नलिन रंजन सिंह, चन्द्रेश्वर, कौशल किशोर, राजेन्द्र वर्मा, भगवान स्वरूप कटियार और सन्ध्या सिंह ने भी अपने विचार रखे। ज्ञान प्रकाश चौबे के संचालन में हुए कार्यक्रम में राजेन्द्र वर्मा, कौशल किशोर, चन्द्रेश्वर, भगवान स्वरूप कटियार, ओसामा, अरुण सिंह, अनिल श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, के.के.वत्स, सलमान ख्याल, आभा खरे, शालिनी सिंह, इरा श्रीवास्तव, इन्दु पाण्डेय, संध्या सिंह, नूर आलम, के.के चतुवेर्दी, माधवी मिश्रा, नाइश हसन, राजीव यादव, दयाशंकर राय सहित कई साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।





