यह प्रदर्शनी एक अनूठा कला आयोजन है
लखनऊ। मणिकर्निका आर्ट गैलरी द्वारा लखनऊ में ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र की गैलरी में आयोजित ‘रंग-दृष्टि’ प्रदर्शनी का आज शाम वरिष्ठ कलाकार जयकृष्ण अग्रवाल के हाथों हुआ। इस अवसर पर ललित कला अकादमी रिजनल सेंटर के सचिव डॉ देवेंद्र त्रिपाठी, कला स्रोत आर्ट गैलरी के निदेशक श्री अनुराग दिड़वानिया, वरिष्ठ कलाकार श्री मोहम्मद शकील और संस्कार भारतीय उत्तर प्रदेश के महामंत्री नरेश चंद्र अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर जयकृष्ण अग्रवाल जी ने कलाकारों व आयोजकों को बधाई देते कहा कि प्रदर्शनी में युवा व स्वशिक्षित कलाकारों को अवसर देना एक अच्छी बात है।
यह प्रदर्शनी एक अनूठा कला आयोजन है, जिसमें जीवन के विविध रंगों को प्रस्तुत किया गया है। इस प्रदर्शनी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 32 कलाकारों ने अपनी-अपनी कलात्मक दृष्टि और शैली के माध्यम से जीवन के विभिन्न पहलुओं को रचा है। इन कलाकारों में लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, भोपाल, झांसी, चैन्नई, कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, फरीदाबाद सहित कई दूसरे शहरों के कलाकार शामिल हैं। प्रत्येक कलाकार की अपनी रचनाशैली होती है, जो अलग-अलग होते हुए भी कहीं न कहीं जीवन के उन पक्षों को सामने लाती है जो सकारात्मक हैं और जीवन को सुंदर बनाने का काम करते हैं। इस प्रदर्शनी में शामिल कलाकृतियों को देखने पर यही अहसास होता है।
प्रदर्शनी में शामिल कलाकृतियाँ पेंटिंग, शिल्प और अन्य विधाओं का संग्रह हैं, जो भारतीय सौंदर्य और भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति करते हैं। इन कलाकृतियों में पारंपरिक और आधुनिक, दोनों तरह की कला शैलियों का सुंदर संयोजन देखने को मिलता है, जिससे दर्शक भारतीय कला की गहराई और विविधता का अनुभव कर सकते हैं। प्रदर्शनी में वरिष्ठ कलाकार सुनीता लांबा, कामिनी बधेल, अंजलि प्रभाकर, डॉ. वेद प्रकाश भारद्वाज, अभिलाषा निगम, अंजलि पांडेय, डॉ. पुष्पा अग्रवाल, डॉ. इंदिरा अग्रवाल, कृष्णकुमार दुबे, ममता प्रकाश श्रीवास्तव, मोहम्मद इशाक, राम अवस्थी, पायल वर्मा, प्रीति श्रीवास्तव, सुषमा कुमार, कृष्ण दुबे, अंजू दागा, अदिति गोगोई, मिनी सुबोथ, ममता श्रीवास्तव, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, राधा कन्नन, एकता पटेल, डॉ प्रमिला सिंह ,पूजा श्रीवास्तव, जैन किदवई, प्रियंका अंबस्था, सुमन श्रीवास्तव, शर्मिता, शुभ्रा गुप्ता, प्रो पिबाली, सुदर्शना मजूमदार, अंजलि पंड्या, अनुजा कोटिभासकर, प्रिया लूथरा, नाज परवीन, असमी जैन सहित अनेक वरिष्ठ व कनिष्ठ कलाकारों का काम प्रदर्शित किया गया है।
प्रत्येक कलाकार ने अपनी विशेष शैली और दृष्टिकोण के माध्यम से जीवन के रंगों को प्रस्तुत किया है, जो अपने आप में प्रशंसनीय है। इस प्रदर्शनी में मूर्त (फिगरेटिव) और अमूर्त (एब्स्ट्रैक्ट) कला का सुंदर मेल है, जो कला प्रेमियों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है। कुल मिलाकर, ‘रंग-दृष्टि’ प्रदर्शनी भारतीय कला के विभिन्न पहलुओं और उनकी जटिलताओं को समझने और सराहने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करती है। यह आयोजन कलाकारों और कला प्रेमियों के बीच संवाद और संबंध को प्रोत्साहित करता है, जिससे कला के प्रति जागरूकता और रुचि में वृद्धि होती है।





