सआदतगंज के प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर का होगा भव्य नवनिर्माण, करीब 7,000 वर्गफुट में बनेगा नया मंदिर
लखनऊ। सआदतगंज स्थित चूड़ी वाली गली के श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर के नवनिर्माण को लेकर भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर के नवनिर्माण के क्रम में आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में शिखर एवं वेदी निर्माण का पूजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। मंदिर में आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश भी हुआ। सभी पूजा-विधान एवं प्रतिष्ठा संबंधी धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य पंडित अशोक जैन शास्त्री, दिल्ली वालों द्वारा विधिवत संपन्न कराई गईं। इस अवसर पर जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान मूलनायक श्री पारसनाथ भगवान की प्रतिमा के दातार का चयन पर्ची द्वारा किया गया। इसका सौभाग्य कमला जैन, जागेश जैन, प्रमेश जैन, वैभव जैन एवं मीना जैन काला परिवार को प्राप्त हुआ। श्री जी को विराजमान करने के लिए वेदी निर्माण का सौभाग्य भी काला परिवार को मिला। वहीं शिखर निर्माण का सौभाग्य वीरेंद्र गंगवाल परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि मुख्य द्वार के निर्माण का सौभाग्य मयंक जैन गंगवाल को मिला। सरस्वती देवी की वेदी निर्माण का सौभाग्य प्रमेश जैन काला की बेटियों रिशिका एवं इशिता को प्राप्त हुआ। भगवान पारसनाथ की यक्षिणी माता पद्मावती देवी की वेदी निर्माण का सौभाग्य विमल जैन एवं पीयूष जैन बाकलीवाल परिवार को मिला। पूजन के दौरान वेदी निर्माण स्थल पर जैन समाज के श्रद्धालुओं द्वारा स्वर्ण, रजत एवं कांस्य शिलाएं रखी गईं। धार्मिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार एवं श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को भव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया। बताया गया कि सआदतगंज चूड़ी अली गली स्थित यह दिगंबर जैन मंदिर काफी पुराना है। पुराने मंदिर को ग्राउंड लेवल से गिराकर अब उसके स्थान पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य नए मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। नया मंदिर लगभग 7,000 वर्गफुट क्षेत्रफल में बनाया जाएगा। प्रथम मंजिल पर भव्य जिनालय का निर्माण होगा, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए सभागार बनाया जाएगा। मंदिर निर्माण कार्य को लगभग एक वर्ष में पूर्ण कर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर के पूर्ण होने के बाद यहां धार्मिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न आयोजनों का भव्य रूप से आयोजन किया जा सकेगा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।





