लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो साझा कर उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा को याद किया और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की विशिष्ट ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नयी पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी गुरुजनों और शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा,उत्तर प्रदेश प्राचीन काल से ज्ञान, साधना और संस्कारों की पावन भूमि रहा है। काशी ने विश्व को ज्ञान का प्रकाश दिया, जबकि सारनाथ में भगवान बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज भी सनातन ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शुकतीर्थ और नैमिषारण्य की ज्ञान परंपरा का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार वर्ष पूर्व शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था।
उन्होंने कहा कि नैमिषारण्य में 88 हजार ज्षियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया और इसी भूमि से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन तथा भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुर्इं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के शिक्षक इसी प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नयी पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं।





