- 25 साल की सजा पूरी होने के दावे को कोर्ट ने खारिज कर दिया, बॉम्बे हाई कोर्ट की गणना को सही माना गया
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने 1993 मुंबई बम धमाकों के अवशेष अबू सलेम की रिहाई याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सलेम की सजा अभी पूरी तरह से नहीं हुई है और इस मामले में प्रवेश की कोई आवश्यकता नहीं है।
257 लोगों की मौत 1993 मुंबई बम विस्फोट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सलेम ने दावा किया था कि वह 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित होने के बाद से अब तक 25 साल की सजा काट चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में अच्छे आचरण के कारण उन्हें करीब दो साल नौ महीने की छूट मिली है, जिससे उनकी सजा पूरी तरह से खत्म हो जानी चाहिए।
सलेम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ऋषि मल्होत्रा ने कहा कि जेल में बंद रहने के दौरान उन्हें 25 साल की अवधि में जेल से छूट दी गई और अच्छे व्यवहार के लिए छूट दी गई। ऐसे में उन्हें जेल में रखे गए विशेषाधिकार और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
हालाँकि, राक्षस विक्रमादित्य की पृष्टभूमि ने इन ग्लूकोज़ों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के मुताबिक सलेम की सजा अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा।





