लखनऊ। राजधानी में जल्द ही गणेश चतुर्थी की धूम शुरू होने वाली है। जगह-जगह पर पंडाल बनाने की तैयारी जोरों पर है। इस बार शहर के सबसे बड़े गणपति पंडालों में से एक झूलेलाल वाटिका में गणपति पूजा का पंडाल बनाया जा रहा है। इस भव्य पंडाल का ढांचा बनकर तैयार हो गया है। बता दें कि 14 सितंबर से गणपति पूजा शुरू होनी है। इस साल श्रीगणेश प्राकट्य कमिटी की ओर से हनुमान सेतु के पास स्थित श्री झूलेलाल वाटिका में 14,000 वर्ग फुट के क्षेत्र में महल तैयार करवाया जा रहा है। पंडाल का ढांचा बनकर लगभग तैयार हो गया है। अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर दरवार सजाया जा रहा है।
वातानुकूलित और वॉटरप्रूफ होगा पंडाल :
राजधानी का सबसे बड़ा गणेश उत्सव मनाया जाने वाला झूलेलाल घाट पर इस वर्ष 14 से 25 सितंबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा। गणेश उत्सव को लेकर तैयारी जोरो पर चल रही है। श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के संरक्षक भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि गणेश उत्सव का पंडाल बनाने के लिए कोलकाता से करीब 60 कारीगर पिछले एक माह से तैयार कर रहे हैं। इस बार पंडाल मन्दिर की थीम पर तैयार हो रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं व पुरुषों की बैठने के लिए अलग-अलग व्यवस्था रहेगी पूरा पंडाल वाटरप्रूफ और वातानुकूलित रहेगा। पंडाल 13 हजार वर्ग फीट मैं तैयार हो रहा है पंडाल की ऊंचाई 80 फीट होगी। अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल ने बताया कि इस बार भी भक्त लोग मनौतियों के राजा श्री गजानन के नाम चिट्ठी प्रतिदिन प्रात 10:00 से शाम 6:00 बजे तक लिख सकते हैं। पार्षद रंजीत सिंह ने बताया कि इस बार बच्चों के नए-नए झूले आ रहे हैं फास्ट फूड, आइसक्रीम, चाट के स्टाल रहेंगे। मीना बाजार में महिलाओं के श्रृंगार संबंधी सारी सामग्री के स्टॉल रहेंगे। अखिलेश बंसल, संजय सिंह गांधी, अतुल बंसल ने बताया कि पूरा परिसर मैले जैसा रहेगा जिसमें सभी प्रकार के समान लोग खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि भक्त लोग मनौतियों के राजा के दर्शन प्रात: 9:00 बजे से रात 11:00 बजे तक कर सकेंगे बप्पा की आरती सुबह 9:00 बजे और शाम 6:00 बजे हो होगी। योगेश बंसल ने बताया कि कोलकाता के प्रसिद्ध भजन गायक संजय शर्मा के संगीत निर्देशन में प्रतिदिन भजन संध्या व नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा।
मनौतियों की चिट्ठी के लिए अलग से पंडाल:
कमिटी के अध्यक्ष घनश्याम अग्रवाल ने बताया कि मनौतियों के राजा गणपति को चिट्ठी लिखने के लिए इस बार चार हजार वर्ग फुट में अलग से एक भव्य पंडाल बनाया जाएगा। इस बार लोगों को चिट्ठी लिखने के लिए विशेष कागज मिलेगा। झूलेलाल वाटिका में तैयार हो रहे पंडाल में मुंबई के श्रीसिद्ध विनायक मंदिर की प्रतिमा की तरह मूर्ति स्थापित की जाएगी। शहर के ही मूर्तिकार श्रवण प्रजापति साढ़े पांच फुट ऊंची गणेश जी की प्रतिमा बना रहे हैं।
बप्पा के लिए तैयार हो रहे विशेष आभूषण:
मीडिया प्रभारी मनीष गुप्ता ने बताया कि कोलकाता से बप्पा का दरबार बनाने के लिए 20 दिनों से एक आभूषण तैयार किया जा रहा है। सड़क पर दो मुख्य द्वार भी तैयार किये जा रहे हैं। भक्तों को प्रसाद दिया जाएगा। निशातगंज स्थित पेपर मिल कॉलोनी में भी गणेशोत्सव की धूम मची हुई है। यहां 27 अगस्त से पांच सितंबर तक आयोजन होगा। यहां पर नाऊनल के राजा का दरबार और अंत्येष्टि स्थापित की जा रही है। आयोजनकर्ता अक्षय समिति की ओर से भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ ही 51 फीट ऊंची मूर्ति के आकार का निर्माण किया जा रहा है।
राजधानी में सजेंगे 100 से अधिक पंडाल:
राजधानी में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। राजधानी में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 100 से अधिक पंडालों में गणेश प्रतिमा विराजित की जायेगी। जहां बप्पा न केवल अपने भक्तों को दर्शन देंगे बल्कि उनके विघ्नों को भी दूर करेंगे। इसबार गजानन जहां धर्म ध्वज पताका लिए धर्म की रक्षा का संदेश देंगे, तो वहीं तिरंगा थीम पर भी पंडाल सजाया जा रहा है। वहीं, मनौतियों के राजा अपने भक्तों के दुखों को दूर करेंगे। इसबार ईको फ्रेंडली मूर्तियों पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही, सड़क पर कोई आयोजन नहीं किया जायेगा।
मनौतियों के राजा पूरी करेंगे मनोकामना:
श्री गणेश प्राकट्य कमेटी के संरक्षक भारत भूषण ने बताया कि इसबार 20 हजार स्क्वायर फीट एरिया में जर्मन हैंगर, वॉटर प्रूफ और वातानुकूलित पंडाल बनाया जा रहा है। इसबार आजादी के अमृत महोत्सव को समर्पित कार्यक्रम होंगे। साथ ही ब्लड डोनेशन कैंप, वैक्सीनेशन कैंप और नशा मुक्ति का अभियान चलेगा। इसके अलावा झूले, सीसीटीवी कैमरा से सुरक्षा, महिला-पुरुष अलग बैठने और लाइन की व्यवस्था रहेगी। दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों को बतौर प्रसाद मोदक वितरित किए जाएंगे। भक्त सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे।
108 लड्डूओं से होगा श्रृंगार :
गणेश युवा मंडल के ऋद्धि गौण ने बताया कि इसबार गजानन धर्म और संस्कृति की रक्षा का संदेश देंगे। इसके लिए वह धर्म ध्वज हाथों में लेकर विराजेंगे। उनका विधि विधान से पूजन होगा। एक प्रमुख मूर्ति के अलावा रोजाना 10 पंडित और 10 परिवार भी पूजन के लिए बैठेंगे। इसके अलावा भजन और आरती का आयोजन किया जायेगा। रोज विशेष श्रृंगार किया जायेगा। साथ ही, 108 लड्डू से श्रृंगार किया जायेगा।
पारंपरिक तरीके से होगा पूजन:
श्रीगणेश उत्सव मंडल चौक के संयोजक उमेश पाटिल ने बताया कि महाराष्ट्र से पांच फुट की मूर्ति आयेगी। जिसे कालीजी राम मंदिर में बने पंडाल में स्थापित किया जायेगा। इसबार शिवाजी चरित्र पर आधारित कार्यक्रम होगा। वहीं, क्रिकेट और डांस प्रतियोगिता के अलावा भजन, भंडारा होगा। पूजन के दौरान कई मंत्री भी शामिल होने आएंगे। वहीं, महाराष्ट्र समाज के कार्यवाहक सेक्रेट्री दिनेश जोशी ने बताया कि 100 वर्ष पूरे हुए है। सैद्धांतिक और पुराने तरीके से करता है। कोई दिखावा नहीं होता है। इसबार बुजुर्ग नागरिकों का सम्मान किया जायेगा। ईको फ्रेंडली मूर्ति और भंडारा होगा, जिसमें महाराष्ट्रीयन भोजन परोसा जाएगा।
फिर से गुलजार होने लगे हैं गणपति पूजा पंडाल
लखनऊ। साल का वो समय फिर आ रहा है बप्पा लौट आए हैं और शहर पूजा पंडाल फिर से गुलजार होने वाले है। गणेश उत्सव को लेकर शहर में पूजा पंडाल को सजाने का काम अपने आखिरी चरण में है।
झूलेलाल वाटिका गणेश उत्सव :
गोमती नदी के तट पर झूलेलाल वाटिका में स्थित यह भव्य पंडाल लखनऊ का एक प्रसिद्ध आकर्षण है। उत्सव और विसर्जन समारोह के दौरान दस दिनों तक यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे यह शहर का सबसे लोकप्रिय पंडाल बन जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि आप पास ही स्थित हनुमान सेतु और हनुमंत धाम मंदिर भी जा सकते हैं, जो बस कुछ ही दूरी पर हैं! पंडाल में स्थापित मूर्ति को हर साल की तरह, आकर्षक आभूषणों और सजावट से सजाया जाता है। इसके अलावा, पंडाल के आसपास लगने वाले मेले में तरह-तरह के खाने-पीने, सैर-सपाटे, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भी बहुत कुछ होता है, जिसका आनंद हर कोई उठा सकता है!
पेपर मिल कॉलोनी के बप्पा :
पेपर मिल कॉलोनी के बीचों-बीच अक्षय समिति के लोगों द्वारा तैयार किया गया यह पंडाल वाकई लाजवाब है। यह कोई साधारण पंडाल नहीं है; यह अपने आप में एक छोटा सा कार्निवल है। यहाँ आपको लजीज खाने के स्टॉल से लेकर ट्रेंडी कपड़ों की दुकानें, बच्चों के लिए झूले और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। लाल और नीले रंग के मनमोहक रंगों में लिपटी यह मूर्ति वाकई देखने लायक है। हालाँकि, पेपर मिल कॉलोनी का पंडाल पूरे 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के लिए उपलब्ध नहीं होगा। यह सीमित समय के लिए है, इसलिए अगर आप इसकी खूबसूरती में खो जाना चाहते हैं, तो जल्दी कीजिए और तुरंत दर्शन कीजिए!
महानगर सेक्टर-सी, रामलीला मैदान गणेश उत्सव:
महानगर में भगवान गणेश की यह विशाल मूर्ति पूरे शहर में सबसे विशिष्ट मूर्तियों में से एक है। यह कई सिरों वाले भगवान ब्रह्मा की मूर्ति जैसी है, क्योंकि इसमें भगवान शिव और देवी पार्वती दोनों के चेहरे गर्व से दर्शाए गए हैं। दूसरे पंडालों की तरह, यहाँ भी देखने और करने के लिए चीजों की कोई कमी नहीं है। हालाँकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह जगह ज्यादा समय तक सजी-धजी नहीं रहेगी। इसलिए, अगर आप इसके अनोखे आकर्षण का अनुभव करना चाहते हैं, तो कल जरूर आएँ!
अलीगंज का राजा का गणेश उत्सव 14 से
लखनऊ। अलीगंज का राजा गणेश पूजा सेवा समिति की ओर से 14 वाँ श्री गणेश जन्मोत्सव का आयोजन 14 से 18 सितम्बर तक नेहरू बाल वाटिका पार्क अलीगंज स्थित गुलाब वाटिका अपार्टमेंट परिसर में किया जाएगा। समिति की बैठक कार्यक्रम स्थल पर बुधवार को अध्यक्ष सौरभ अग्रवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। समिति के संरक्षक संदीप अग्रवाल, महेश अग्रवाल ने बताया कि 14 सितंबर को प्रात: 9:00 बजे बप्पा की मूर्ति स्थापना के साथ उत्सव का श्री गणेश होगा। तथा शाम को लखीमपुर खीरी के भजन गायक राम प्रताप लक्खा बप्पा के दरबार में भजन सुनायेंगे। 15 सितंबर को राजधानी लखनऊ के मुकेश वर्मा द्वारा भजन संध्या व हनुमान जी की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। 16 सितंबर को विष्णु तिवारी द्वारा डांडिया का आयोजन होगा। मनोज मिश्रा राकेश अग्रवाल, शरद तिवारी ने बताया कि 17 सितंबर को वाराणसी की पायल अग्रवाल द्वारा राधा कृष्ण की फूलों की होली और समिति द्वारा बप्पा को गजरा भेंट किया जाएगा। मीडिया प्रभारी मनीष गुप्ता व मनोज सिंह पुजारी ने बताया कि 18 सितंबर को विसर्जन कार्यक्रम झूलेलाल घाट स्थित गोमती तट पर किया जाएगा।
पत्रकारपुरम गोमती नगर गणेश उत्सव पंडाल :
जैसे ही हमारी नजर इस बहुप्रशंसित पंडाल पर पड़ी , सबसे पहले जो चीज हमारी नजर पड़ी, वह थी वहाँ की जीवंत भीड़, नाचती हुई और चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम का भरपूर आनंद लेती हुई। चहल-पहल वाले पत्रकारपुरम चौराहे के पास स्थित, यह एक और 10-दिवसीय पंडाल है जो शहर के निवासियों के बीच अपार लोकप्रियता और उत्कृष्ट प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। यह पंडाल अपने आप में एक राजसी आकर्षण बिखेरता है, मानो किसी भव्य महल जैसा हो और दिव्य शिव परिवार के बीच स्थापित मूर्ति , एक अद्भुत नजारा है। उत्सव के दौरान इस अद्भुत पंडाल को देखने का मौका न चूकें।





