सुखनदान फाउंडेशन ने सजाई महफिल
लखनऊ। सुखनदान फाउंडेशन की ओर से खास बारादरी , गोमतीनगर, में शाम-ए-सुखन प्रोग्राम के तहत एक इलीट नशिस्त का आयोजन किया गया। इस मौके पर नवाब मसूद अब्दुल्लाह, डॉ0 उमंग खन्ना, मेराज हैदर, अफजाल सिद्दीकी, जफरुल सिद्दीकी, नूर आलम, शकील सिद्दीकी, हबीबुल्लाह, हाजी खुर्शीद खान के अलावा अनेक गणमान्य महानुभाव, समाज सेवी, मीडिया बंधु उपस्थित रहे। महफिल में वरिष्ठ शायर वासिफ फारुकी ने अपने अल्फाज में कहा’तेरी दुनिया जिसे हैरत से सभी देखते हैं देख कर मुझ को बहुत दंग हुई है’ मो. अली साहिल ने कहा की ‘आओ तकसीम करें गंग-ओ-जमन की खुशबू देखो दुनिया में मुहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं’ राम प्रसाद बेखुद ने कहा कि ‘कोई अपना कहे तो मिलते हैं गैर कहने पे लब नहीं मिलते’ नदीम फर्रूख ने अपने अलग अंदाज में कहा कि’आदमीयत का निगहबान बनाने के लिए एक दरवेश हो सुल्तान बनाने के लिए’ इस प्रोग्राम में आलमी शोहरतयाफ़्ता सलीम सिद्दीकी, आदिल रशीद, प्रोफेसर बलवंत सिंह, हिमांशी बाबरा, अख़्तर कानपुरी, शाश्वत दर्पण, प्रयूस दीक्षित ने बतौर शायर शिरकत की। काफी देर तक चली इस नशिस्त में बेहतरीन शायरी सुनकर लोग झूम उठे और सीनियर शायरों के उम्दा कलाम पर खड़े होकर तालियों से स्वागत किया।
प्रोग्राम की शुरूआत में अतिथियों का गुलदस्ता देकर स्वागत किया गया तथा सुखनदान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मशहूर शायर मोहम्मद अली साहिल ने संस्था के कार्य कलापों के बारे में प्रकाश डाला गया उसके बाद संस्था के फाउंडर व चेयरमैन/मशहूर शायर और नाजिम नदीम फर्रुख ने आगामी कार्यक्रमों की रूप रेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में खास बारादरी रेस्टोरेंट के मालिक महमूद ने उपस्थित सभी महानुभावों का शुक्रिया अदा किया गया।





