नागेश्वर महादेव मंदिर में प्रज्ञा पुराण कथा का दूसरा दिन
लखनऊ। नागेश्वर महादेव मंदिर सभागार मे होने वाली पावन प्रज्ञा पुराण कथा मे दूसरे दिन भारी संख्या मे भाई बहन पधारे। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य प्रबंध ट्रस्टी माया अवस्थी एवं कंचन रस्तोगी ट्रस्टी ने दीप जला कर किया। कथा के बीच मे बहनो की संगीत टोली ने मनमोहक गीत प्रस्तुत किये। माया गुप्ता ने हम युग का निर्माण करेंगे यह संकल्प हमारा है…,विमला गुप्ता ने गजानन कर दो बेड़ा पार साक्षी ने गायत्री माता देवी तेरी महिमा अपरम्पार है प्रज्ञा ने गुरुवर तेरे चरणो में…रेखा मुकुल ने सतगुरु मैं तेरी पतंग… गीत प्रस्तुत किये।
पावन प्रज्ञा पुराण कथा कार्यक्रम मे कथावाचिका शांति कुंज की प्रतिनिधि टोली मे पधारी आचार्या निष्ठा रस्तोगी के नेतृत्व मे भावभरे गीत रेखा मुकुल, प्रभा श्रीवास्तव, विमला गुप्ता,आशा श्रीवास्तव, माया गुप्ता,साक्षी,प्रज्ञा आदि बहनो ने मीना कुमारी एवं संदीप की सुमधुर सँगत के साथ प्रस्तुत किये।
कथवाचिका आचार्या निष्ठा दीदी ने कथा मे नारद विष्णु संवाद की चर्चा करते हुए महाकवि कालिदास कि कथा सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार हम सब ईश्वर कि दी हुई प्रतिभा को पहचान ही नही पाते और सारा जीवन बेकार के कामों मे गवां देते है उन्होंने बताया कि किस प्रकार हम सब भटके हुए देवता है जैसे ही आत्मजागृति होती है तो जीवन सफल हो जाता है। एक और कथा के माध्यम से निष्ठा दीदी ने बताया कि एक लकड़हारे को राजा ने खाने कमाने के लिये एक बाग दे दिया वह लकड़ी काट काट कर बेचता रहा जब थोड़े से पेड़ बचे तब उसे बोध हुआ कि यह तो चंदन का बाग था वह सर पकड़ कर बैठ गया आज वही हाल हम सबका भी है हम सब भी अपने अनमोल जीवन के बाग को ऐसे ही नष्ट करे डाल रहे है। प्रज्ञा पुराण कथा के भाग दो कि कथा सुनाते हुए आचार्या जी ने बताया कि संत पुरन्दर कैसे निलोर्भी थे। आचार्या जी ने बताया कि ईश्वर ने हमें यह शरीर 100 वर्षो के लिये प्रदान किया है इसके सभी अंगों का भी निर्माण 100 वर्षो तक चल सकने योग्य ही बनाया है परन्तु हम सब अपने पाप कर्मो से उसे खराब कर देते है और जीवन को छोटा और बीमार कर देते है। गुरुदेव के बारे मे बताते हुए आचार्या निष्ठा जी राम चरित मानस के विभिन्न प्रकरणों की तुलनात्मक चर्चा करते हुए गुरुदेव पंडित श्री राम शर्मा आचार्य के जीवन पर प्रकाश डाला।





