मनोयोग पर अध्ययन करने वाले छात्र ऊंची श्रेणी में उत्तीर्ण होते हैं। पश्चिमी किसान अच्छी फसल काटते हैं, कर्मठ शिल्पी यशस्वी बनते हैं। उत्साही व्यायाम परायण पहलवान कहलाते और कुश्ती पछाड़ते हैं। सूझ-बूझ और तत्परता के बल पर व्यापारिक सफलताएं मिलती हैं, निष्ठावान साधकों को सिद्धियां उपलब्ध होती हैं। तन्मय कलाकार दर्शकों का मन मोहते हैं, साहसी योद्धा विजयश्री का वरण करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों की सफलताएं इस बात पर निर्भर रहती हैं कि प्रस्तुत प्रयोजनों के लिए कितनी तत्परता एवं तन्मयता बरती गयी। कितने धैर्य साहस और श्रम का नियोजन किया गया। भौतिक क्षेत्र के सभी सपक्षों में योग्यता एवं दक्षता के मूल्य पर प्रगतिशील उपहार खरीदे जाते हैं। भिक्षुकों तक को दानी लोग इस आधार पर न्यूनाधिक देते हैं कि किस भिक्षुक को कितनी आवश्यकता और किसे कितना देने पर उसका क्या उपयोग होगा? सब भिक्षुकों को कोई अविवेकी दानी ही समान मात्रा में सहायता देगा।
आमतौर से गिड़गिड़ाहट और आग्रह पर कम और याचक की स्थिति पर ही अधिक ध्यान दिया जाता है। आध्यात्म क्षेत्र में भी यही सिद्धान्त काम करता है। भगवान से या देवताओं से अनुनय विनय के आधार पर वरदान प्राप्त होने की मान्यता भ्रमपूर्ण है। वे शक्तियां इतनी उदात्त हैं कि शब्द जंजाल से अथवा छुटपुट उपहारों से उन्हें फुसलाना किसी भी प्रकार संभव नहीं हो सकता।
जो देव प्रकृति को इतनी घटिया मानते हैं वे परोक्ष रूप से उन्हें ऐसे अबोध बालकों की स्थिति में खड़ा कर देते हैं जिन्हें वस्तुस्थिति से औचित्य से कोई वास्ता नहीं है। प्रार्थना मात्र से प्रभावित होकर मनोकामना पूर्ति का वरदान देने लगें, वे पात्रता के सिद्धान्त को ही समाप्त करेंगे। देवता या भगवान यदि मनुष्यों से अधिक बुद्धिमान और आादर्शवादी हैं तो उनसे इस प्रकार के अंधेर की आशा नहीं करनी चाहिए। आत्मिक क्षेत्र की ऐसी असंख्य उपलब्धियां हैं जिनके सहारे मानवी व्यक्तित्व असाधारण रूप से परिष्कृत होता है।
उपलब्धि के सहारे उन्हें एक से एक बढ़ी-चढ़ी सांसारिक सफलताएं मिलती हैं और गुण कर्म स्वभाव की विभूतियों से सुसम्पन्न होने के कारण उन्हें महामानवों के स्तर पर पहुंचने का सौभाग्य मिलता है। कहना न होगा कि पात्रता अपने अनुरूप सत्य परिणाम सुनिश्चित विश्व व्यवस्था के कारण सहज ही उपलब्ध करती चली जाती है। पात्रता का विकास वह उपलब्धिां हैं जिनके सहारे मानवी व्यक्तित्व असाधारण रूप से परिष्कृत होता है।





