श्री रामलीला समिति गोमती नगर द्वारा द्वितीय दिवस
लखनऊ। मयार्दा पुरूषोतम भगवान श्रीराम चन्द्र जी की रामलीला का आयोजन पर्वतीय महापरिषद भवन, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ में तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है जिसमें आज द्वितीय दिवस कैकेयी मन्थरा संवाद, दशरथ कैकेयी संवाद, राम, लक्षमण, सीता द्वारा वनगमन हेतु कौशल्या एवं सुमित्रा से विदा लेना, वन गमन गीत, पंचवटी में सूर्पणखा का नासिका छेदन, खरदूषण दरबार में सूर्पणखा का प्रवेश, खरदूषण वध, रावण दरबार में सूर्पणखा का प्रवेश, रावण एवं मारीच संवाद, पंचवटी में स्वर्णमृग का प्रवेश एवं मारीच वध, जोगी रावण का प्रवेश एवं सीता हरण, के दृष्य प्रस्तुत किये गये। द्वितीय दिवस के कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आज शहर की विभिन्न रामलीला समितियों एवं संगठनों के पदाधिकारी गण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जिनका रामलीला समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह बोरा एवं महासचिव रमेश चन्द्र उपाध्याय ने सभी अतिथियों को रामनामी पट्ट पहनाकर स्वागत किया।
सांस्कृतिक मंत्री आनन्द सिंह कपकोटी के निर्देशन में आज दशरथ कैकेयी संवाद जिसमें हरीश काण्डपाल दशरथ एवं उनकी पत्नी चित्रा काण्डपाल ने कैकेयी का अभिनय किया जिसकी दर्शकों ने अत्यंत सराहना की। दशरथ ने राग विहाग में प्रिये तुम काहे होत मलीन गीत गाकर कैकेयी को रिझाने का प्रयत्न किया तथा राग जैजैवंती में सुनहूँ प्रिया मैं कहूँ सतवाणी व विलाप गीत क्यों तू मारे है पापिन राम विरह के वाँण गाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
राम लक्ष्मण सीता द्वारा गाया गया वन गमन गीत उतारूँ राज के कपड़े हमें माता विदा कीजै अत्यंत मार्मिक रहा जिससे दर्शकों की आँखें भर आयी। राम का अभिनय नेहा सिंह एवं लक्ष्मण निक्की सिंह दोनों सगी बहनें हैं। सीता का अभिनय किरन जोशी द्वारा किया गया। सूर्पणखा सरिता भाकुनी का नृत्य एवं गायन निकिता गोस्वामी सहित सभी कलाकारों का अभिनय अत्यंत सराहनीय रहा। रावण पुष्कर सिंह नयाल का अभिनय प्रभावशाली रहा, खर-दूषण हरीश काण्डपाल, ख्याली सिंह एवं तारा दत्त काण्डपाल का अभिनय सराहनीय रहा। कुम्भकर्ण- ख्याली सिंह, जोगी रावण गोविन्द सिंह बोरा तथा मारीच-मनीष उपाध्याय का अभिनय प्रभावशाली रहा। कौशल्या दमयंती नेगी थी।





