काव्य संग्रह किताब गन्जीना का विमोचन
लखनऊ। आज अवध रेजीडेन्सी (निकट जिमखाना क्लब) में वन वाइस ट्रस्ट के तत्वावाधान में काव्य संग्रह किताब गन्जीना का विमोचन अतहर नबी (सचिव-अन्जुमने इस्लाहुल मुसलेमीन), हसन मसी वरिष्ठ पत्रकार, डॉ. सैय्यद रफत (अन्तर्राष्ट्रीय खिलाडी़ व उर्दू स्कालर) के करकमलो द्वारा हुआ।
गन्जीना काव्य संग्रह में यासमीन अजहर, जमाल अजहर, सायरा खातून व तबस्सुम फात्मा की गजलें है, इन शायरों ने जहां अपनी गजलों में महबूब की खुबसूरती, वफा और बेवफाई को अपने खुबसूरत शब्दों से उजागर किया है, वही समाज में फैली कूरीतियों और महिला सशक्तिकरण को सुन्दर अन्दाज में पेश किया है।
इस अवसर पर चन्द कवियों की एक नह्णिास्त भी हुई। जिसमें मखमूर काकोरवी, हसन काजमी, जिया महमूदाबादी, मजहर सईद यासमीन अजहर, जमाल अजहर, सायरा खातून, तबस्सुम फात्मा, फाकिहा, डॉ. ह्णवेता श्रीवास्तव अजल व मुन्तजील कायमी ने जब अपना कलाम सुनाया, तो दर्शकों की वाह-वाह और तालियों की आवाजों से हाल गूंजने लगा।
कार्यक्रम कें मुख्य अतिथि डॉ0 सैय्यद रफत ने कहां कि मै शायर तो नही हूँ, लेकिन शायरी की अच्छी समझ रखने के तौर पर ये कह सकता हूँ, कि इतने खुबसूरत शेर कहने वाले कवि अभी तक गुमनामी में क्यों है, इनके शेरों को दुनिया के पर्दे पर सामने आना चाहिए। कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे शकील हसन शमसी ने अपने उद्यबोधन में कहा कि ये खुबसूरत अदबी शायरी है सबसे खास बात ये कि इसमें समाज से जुड़े इन्सान की हर पहलू पर नजर रखते हुए शेर कहे गये और इन्सान की खुशी व गम को खुबसूरती से उजागर किया गया है। कार्यक्रम में गौरवपूर्ण उपस्थित रहे अतहर नबी ने कहा इन शायरों का काम सराहनीय है, ये जानकार और भी आवश्चर्य हुआ, कि ये शायर दूसरे पेशों से ताअल्लुक रखते है, उसके बवजूद शायरी में इतने बुलन्द विचार और खुबसूरत शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, इसके बाद विशिष्ठ अतिथि के रुप में रौशन तकी ने अपना वक्तव्य भी रखा।
इस अवसर पर डां. सूफियान और कुंवर रंजीत सिंह ने कवियों की कविताओं के साथ-साथ इनके व्यक्तिगत जीवन पर भी प्रकाश डाला, कि ये कवि कैसे अपने उसूलों से बन्धें होने के बाद भी इतनी खुबसूरत शायरी कर रहें है। कार्यक्रम का संचालन एस.एन.लाल ने किया।





