लखनऊ। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा पुन: कुलपति नियुक्त किए जाने के पश्चात उन्होंने राज्यपाल से राजभवन उत्तरप्रदेश से औपचारिक भेंट कर उनका आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रो. मांडवी सिंह को पुन: कुलपति नियुक्त किए जाने पर शुभकामनाएँ दीं तथा उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास को और अधिक गति प्रदान करने तथा विद्यार्थियों के हित में समर्पित भाव से कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। प्रो. मांडवी सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी औपचारिक भेंट कर पुन: कुलपति नियुक्त किए जाने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. मांडवी सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वविद्यालय के विकास एवं उन्नयन के लिए पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उनके सफल कार्यकाल हेतु शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा। प्रो. मांडवी सिंह ने उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से भी औपचारिक भेंट करते हुए उनका आभार प्रकट किया। जयवीर सिंह ने भी प्रोफेसर मांडवी सिंह को पुन: कुलपति नियुक्त होने की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ उनके अग्रिम कार्यकाल हेतु उन्हें शुभकामनाएं दी एवं अपनी संस्कृति को विश्वविद्यालय के माध्यम से और अधिक विस्तृत रूप में बढ़ाने हेतु प्रेरित किया। प्रो. मांडवी सिंह ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं मंत्री जयवीर सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन पर पुन: विश्वास व्यक्त किया जाना उनके लिए गौरव के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण दायित्व भी है। उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, कला एवं संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करेंगी। उल्लेखनीय है कि प्रो. मांडवी सिंह के पिछले कार्यकाल में विश्वविद्यालय में अनेक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित हुई । सांस्कृतिक एवं छात्रहित से जुड़े कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को व्यापक विस्तार मिला। उनके नेतृत्व में भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यशालाओं, व्याख्यानों, संगोष्ठियों एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से नए अवसर प्रदान किए गए। पुन: कुलपति नियुक्त होने के पश्चात प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि वे विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध, कला-संस्कृति एवं नवाचार के क्षेत्र में और अधिक सशक्त एवं प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।





