कॉफी टेबल बुक उप -मुख्य मंत्री ब्रजेश पाठक को भेंट की
लखनऊ। डाक्यूमेंट्री फिल्म्स एवं थिएट्रिकल ट्रस्ट (डीएफटीटी), और अपने सहयोगी इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, द्वारा आयोजित सात दिवसीय ‘अमृतोत्सव’ के अंतर्गत सोमवार को आकाशवाणी लखनऊ के सभागार में ‘एक चाय की चुस्की और एक किलो बातें’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें नागर जी की पुत्री एवं प्रख्यात फिल्म लेखिका डॉ अचला नागर जी ने अपने पिता पद्मभूषण अमृतलाल नागर के जीवन और साहित्य सृजन पर बहुत सी जानी और अनजानी बातें दर्शकों से साझा की। गौरतलब है के नागर जी 1950 से 1956 तक खुद आकाशवाणी में बतौर ड्रामा प्रोडूसर नौकरी कर चुकें हैं और खुद अचला जी भी मथुरा रेडियो स्टेशन पर उद्धघोषक काम कर चुकी हैं। नागर जी की स्मृतियों को याद करते हुए अचला जी ने बताया कि कैसे नागर जी अपने लेखन के लिए शोध करते थे और जिस पात्र पर लिख रहे होते उसमें पूरी तरह खो जाता थे। मसलन तुलसीदास पर लिखते समय तुलसी से अपनी पत्नी से बिछड़ने का दर्द समझने के लिए नागर जी अपनी से बिना बात लड़ झगड़कर अयोद्धया चले गए थे। और सूरदास पर जब लिख रहे थे तो सूरदास जी के अंधेपन को समझने के लिए आँखों पर पट्टी बाँध के परसोली में रहे।
डीएफटीटी की अध्यक्ष सविता शर्मा नागर, जनरल सेक्रेटरी राजेश अमरोही ने प्रख्यात फिल्म लेखिका डॉ अचला नागर और मुकेश बहादुर के संग नागर जी पर तैयार की गयी कॉफी टेबल बुक उप -मुख्य मंत्री ब्रजेश पाठक को भेंट की और प्रार्थना की कि इस किताब को उत्तर प्रदेश की लाइब्रेरीज में जाना चहीये। इस अवसर पर डाक्यूमेंट्री फिल्म्स एवं थिएट्रिकल ट्रस्ट की अधियक्ष सविता शर्मा नागर ने कहा कि वो ‘अमृतोत्सव’ में युवाओं की भागीदारी देखकर बहुत खुश हैं। इस मौके पर मशहूर रंगकर्मी और फिल्म अभिनेता डॉ अनिल रस्तोगी एवं साहित्यकार और पत्रकार दयानन्द पांडेय ने भी अपने विचार साझा किये। आकाशवाणी की निदेशक सुश्री मीनू खरे जी ने कहा कि इतने बड़े महान साहित्यकार पर आकाशवाणी के प्रांगण में कार्यक्रम रखकर वो गौरवान्वित महसूस कर रही हैं। डाक्यूमेंट्री फिल्म्स एवं थिएट्रिकल ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी ने कहाँ कि युवा को ज्यादा से ज्यादा नागर जी के साहित्य से जोड़ने के लिए नागर पर उनकी साहित्यिक यात्रा पर ज्यादा से ज्यादा कार्यक्रम होने चाहिए। निदेशक मीनू खरे जी ने आश्वासन देते हुए कहा कि आकाशवाणी इस पर संजीदगी से विचार करेगा।





