लखनऊ। श्रावण मास की शुक्ल पंचमी को मनाया जाने वाला नागपंचमी पर्व शुक्रवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। यह नागों की पूजा का पर्व है। श्रद्धालुओं ने सुबह शिवालयों में भोलेनाथ की आराधना की और नाग देवता का पूजन किया। पूजन के लिए डालीगंज के मनकामेश्वर मंदिर, चौक के कोनेश्वर मंदिर, ठाकुरगंज के कल्याण गिरी मंदिर, नादान महल रोड स्थित सिद्धनाथ मंदिर, चौपटिया के बड़ा शिवाला, छोटा शिवाला, सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर समेत अन्य शिवालयों में जबरदस्त भीड़ रही। पूजन के बाद सभी ने घरों मे बने व्यंजनों का आनंद उठाया। उदयगंज में चलने वाला पारंपरिक गुड़िया मेला आज से शुरू हुआ। तीन दिनों तक चलने वाला मेले मे सैकड़ों दुकानें व झूले लगे हैं। जिसमें घर गृहस्थी से लेकर बच्चों के खिलौने तक मिल रहे हैं। इस मौके पर राजधानी में कई इलाकों में मेले और भंडारे के आयोजन भी किए गए।
मनकामेश्वर में गुड्डे गुड़िया की शादी:
डालीगंज के मनकामेश्वर मंदिर परिसर में नागपंचमी और गुड़िया का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह नाग देवता की पूजा की गई और दोपहर में मंदिर परिसर में गुड्डे गुड़िया का विवाह समारोह हुआ। इसके माध्यम से महंत देव्यागिरि ने बेटियों के संरक्षण का संदेश दिया।
विश्व शान्ति और राष्ट्र समृद्धि के लिए यज्ञ:
नागपंचमी पर मंदिर परिसर में श्रावणी सामूहिक अभिषेक किया गया। बाबा मनकामेश्वर के अभिषेक पूजन के बाद विश्व शान्ति और राष्ट्र समृद्धि के लिए यज्ञ किया गया। महंत देव्यागिरि ने संदेश दिया कि बेहतर हो कि लोग सपेरों के बच्चों की शिक्षा आदि का दायित्व उठाएं। इससे सपेरों के जीवन में सामाजिक परिवर्तन आएगा और सांप अपने वास्तविक आवासों में स्वतंत्र जीवन जी सकेंगे।
मंदिर में गूंजी शहनाइयां:

गुड़िया पीटने के बजाए बेटियों के संरक्षण का संदेश देने के लिए महंत देव्यागिरि ने गुड्डे और गुड़ियों का विवाह समारोह आयोजित करवाया। उसमें वधु पक्ष में शामिल उपमा पाण्डेय, मालती शुक्ला, जयोति कश्यप, राम दुलारी, सुनीता चौहान, सुनीता अग्रहरि सहित अन्य झालरों से सजी छोटी सी पालकी में दुल्हन के रूप में गुड़िया को लेकर आईं। दूसरी ओर वर पक्ष में शामिल गीता कश्यप, ज्ञानवती, वंदना वर्मा, ऊषा का द्वाराचार किया गया। शहनाई से गूंजते मंदिर परिसर में आयोजित हुए विवाह समारोह में तिलक, हल्दी, मेंहदी की रस्में बच्चों में भी कौतूहल और जिज्ञासा का कारण बनी। मंदिर के वरिष्ठ सेवादार जगदीश गुप्ता अग्रहरि ने बताया कि महिला मंडली ने श्रावणी मेंहदी लगवाते हुए मंगल गीत भी गाए।
शहर में जगह-जगह पीटी गयी गुड़िया:
गुड़िया मनाओं के तहत आज शहर भर में गुड़िया का पर्व मनाया गया। नागपंचमी के मौके पर डालीगंज सहित कई जगहों पर गुड़िया पीटने की परम्परा को निभाते हुये बच्चों ने मंगलवार को मस्ती के साथ गुड़िया पीटी। गुड़िया डाली तो बच्चे उनपर पीटने के लिए टूट पड़े। गुड़िया पीटने के साथ ही कोरोना को भी बच्चों ने जमकर पीटा। इससे पहले सुबह मुहूर्त के अनुसार नागपंचमी की पूजा घरों में की।
नागपंचमी पर हुआ दंगल, पहलवानों ने लगाये दांव:

चौक के प्राचीन गोमती पहलवान अखाड़ा में नाग पंचमी के पावन पर्व पर आयोजित दंगल में पहलवानों ने खूब दांव लगाए। बजरंगबली की प्रतिमा के सामने पहलवानों ने मिट्टी के अखाड़े में अपने प्रतिद्वंदी को चित करने में पूरी ताकत झोंक दी और इनाम भी जीते। पहलवानी का दांवपेच लगाने वालों में बच्चों से लेकर बड़े तक शामिल रहे।
दंगल में पुरुषों व महिलाओं ने आजमाएं दाव
लखनऊ। नागपंचमी के अवसर पर क्षेत्र के सरसवां गांव में आयोजित दंगल में यूपी भर से ही नहीं पंजाब हरियाणा दिल्ली समेत कई राज्यो के पहलवानो के साथ महिला पहलवानो ने अखाड़े में ताल ठोक कर अपने प्रतिद्वन्दी को पटकनी दी। अखाड़े में पहलवानो ने अपने बाजुओं के दम पर कई बार उठापटक करते रहे। अंत मे पटकनी देते हुई जीत हासिल की। सरसवां गांव में करीब एक दशक से पुन: दंगल का आयोजन किया जा रहा है। पहले जिला स्तर के पहलवान आते थे लेकिन अब कई प्रदेशों के पहलवान अपना दम दिखाने आते है।
हरियाणा से आये रोहित पहलवान ने दिल्ली के शरद को अखाड़े में पटकनी दी। वही दिल्ली से आये महिला पहलवान बेबी मिश्रा ने गोरखपुर से आई किरण को चित्त कर दिया। इसके साथ ही चंडीगढ़ से आये पहलवान जितेंद्र ने कन्नौज से आये पहलवान अनूप को पटकनी दी। वही कन्नौज की महिला पहलवान ज्योति ने अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवान उषा को अखाड़े में पटकनी दी। साथ ही अयोध्या से आये पहलवान श्याम , उन्नाव के पहलवान मोनिस, बलिया से पहलवान करन तथा कनौज की पहलवान ज्योति चतुवेर्दी व गोरखपुर की पहलवान आकांक्षा ने अपने अपने प्रतिद्वंद्वी पहलवानोको पटकनी देकर अखाड़े में चित कर दिया। कुश्ती आयोजक उदय प्रताप सिंह ने विजेता पहलवानो को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी कुश्ती पांच हजार की हुई। सभी पहलवानो को सम्मानित किया गया। वहीं भदेसुआ गांव के त्रिलोकपुर गांव में दंगल व आल्हा का आयोजन हुआ जिसमें दूसरे आस पास के गांवों व अन्य जनपदों के पहलवानो ने अपने अपने दांवपेंच लगाया और आल्हा का आयोजन हुआ जिसमें सैकड़ो लोग बारिश के बावजूद डटे रहे।





