लखनऊ। आज कल बाजार में एग्जॉटिक मिल्की व्हाइट दशहरी आम की खूब मांग हो रही है। आम की पैदावार करने वाल किसान उमंग गुप्ता ने बताया कि इस साल इजरायली तकनीक के जरिए दशहरी आम को एग्जॉटिक मिल्की व्हाइट दशहरी का नाम दिया है। उन्होंने बताया कि इसकी डिमांड अमेरिका और दुबई से लेकर कई देशों में है। सबसे खास बात है कि पेड़ से दशहरी आम को तोड़ने के बाद वो 4-5 दिनों तक चलता है। लेकिन इस एग्जॉटिक मिल्की व्हाइट दशहरी को 15 से 20 दिनों तक खाया जा सकता है। उमंग गुप्ता ने आगे बताया कि इजरायली तकनीक तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आधारित है। इसमें पहले पेड़ों की छंटाई, दूसरा पेड़ों की जमीन और पेड़ों की सभी जरूरत को पूरा करना. ताकि, पेड़ और जमीन को पूरा पोषण मिल सके। वहीं, तीसरा आमों की बैगिंग करना है। ये तीन महत्वपूर्ण बिंदु ही इजरायली तकनीक हैं, जिसे विदेशों में भी अपनाकर आमों को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इजरायली तकनीक से आम की क्वालिटी अच्छी होती है, जिस वजह से इसकी कीमत ज्यादा होती है। जबकि, सामान्य दशहरी सस्ता बिकता है। दशहरी दो दिन भी नहीं चल पाता है, जबकि इजरायली तकनीक से उगाया गया आम 15 से 20 दिन तक चल सकता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए बाजार में आया शुगर फ्री आम
लखनऊ। हमारे देश में हर दिन डायबिटीज के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में डायबिटीज होने की वजह से अक्सर मरीज मीठा खाना पूरी तरह से छोड़ देते हैं। आम के सीजन में भी वो आम का स्वाद नहीं ले पाते हैं। ऐसे में इस साल डायबिटीज के गंभीर से गंभीर मरीज भी आम खाने की कसर पूरी कर सकेंगे। दिल खोलकर वे इस बार आम खा सकेंगे। दरअसल मार्केट में आ गया है उनके लिए शुगर फ्री आम। इस आम का नाम है अंबिका।
इस आम की खासियत यह है कि इसे आप एक दिन में चाहे जितना खा लें आपका शुगर स्तर एक प्रतिशत भी नहीं बढ़ेगा। यह आम बिल्कुल भी मीठा नहीं होता है, लेकिन खाने में पूरा आम का स्वाद देता है। यह एक रंगीन आम है। इस आम को अपने बगीचे पर लगाया है मलिहाबाद के मशहूर किसान अफताब ने। उनके पास इस बार अंबिका आम की मांग भी देश के साथ ही विदेशों तक से आ रही है।
ऐसा होता है इसका स्वाद
किसान अफताब ने बताया कि अंबिका आम हल्का खट्टा होता है। यह मीठा बिल्कुल भी नहीं होता है, इसीलिए लोग इसे शुगर फ्री आम कहते हैं। बाजार में भी यह आम शुगर फ्री नाम से ही काफी मशहूर है। लोग इसे शुगर फ्री आम के नाम से ही बेचते हैं और खरीदते हैं। उन्होंने बताया कि इसका स्वाद भले ही हल्का खट्टा हो लेकिन यह स्वाद पूरा आम का ही मजा देता है, इसीलिए डायबिटीज के मरीज इसे दिल खोलकर खा सकते हैं, क्योंकि इस आम को वैज्ञानिक डॉक्टर राजन ने बनाया था। ऐसे में उन्होंने खुद भी इसे शुगर फ्री आम का ही नाम दिया है। यही वजह है कि डायबिटीज के मरीज इसे आराम से खा सकते हैं।





