यूपी दिवस समारोह के लिए भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तैयार कर रहे प्रस्तुति
-पंडित राम मोहन महाराज के निर्देशन में तैयार हो रही है लखनऊ कथक घराने की प्रस्तुति
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस 2026 पर लखनऊ की कथक विरासत चमकेगी। राज्य की स्थापना की स्मृति में 24 जनवरी को राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में लखनऊ घराने की शास्त्रीय नृत्य कला कथक का भव्य प्रदर्शन होगा। इस तीन दिवसीय उत्सव की थीम विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश है, जिसमें प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत और विकास यात्रा को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्रसिद्ध कथक गुरु पंडित राम मोहन महाराज के निर्देशन में भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं एक विशेष तराना प्रस्तुति तैयार कर रहे हैं। यह प्रस्तुति कथक की लय, ताल, भाव और नृत्य की जटिल तकनीकों से सजी होगी, जो लखनऊ की शास्त्रीय परंपरा को जीवंत रूप में दर्शाएगी। पंडित राम मोहन महाराज, जो लखनऊ घराने के प्रमुख प्रतिनिधि हैं, ने अपनी विशेषज्ञता से छात्राओं को प्रशिक्षित किया है ताकि यह प्रदर्शन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दे। पंडित राम मोहन महाराज ने बताया कि लखनऊ घराने का कथक दुनिया भर में लोकप्रिय है। जिसकी विरासत को यूपी दिवस पर नृत्य के माध्यम से प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भातखंडे की छात्राओं की यह प्रस्तुति न केवल कथक की शास्त्रीयता को उजागर करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाएगी।
- चित्रों के साथ दिखेगी वन्देमातरम की पंक्तियां
वंदे मातरम की पंक्तियों पर आधारित 150 फीट लंबे कैनवास पर चित्रांकन के लिए तीन दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के पांच स्थानों लखनऊ, आगरा, बुलंदशहर, वाराणसी एवं प्रयागराज में किया जा रहा है। लखनऊ में यह कार्य क्षेत्रीय ललित कला अकादमी परिसर में किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन डा. सुनील सक्सेना ने किया। शिविर के समन्वयक किरण सिंह राठौर एवं मेंटर अमित कुमार ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शिविर हो रहा है। जिसमें वंदे मातरम् की प्रथम पांच पंक्तियां सुजलाम् सुफलाम्, मलयज शीतलाम्, शस्य श्यामलाम्, मातरम्, वंदे मातरम् के भावों को चित्रों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। यह चित्रांकन उत्तर प्रदेश दिवस 2026 के अवसर पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के पांच विभिन्न स्थानों पर 30-30 फीट के पांच अलग-अलग चित्र तैयार किए जाएंगे, जिन्हें जोड़कर 150 फीट का भव्य कैनवास तैयार होगा। यह त्रिदिवसीय कार्यशाला 21 जनवरी तक होगी। उद्घाटन अवसर पर क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्र, केंद्रीय लेखा अधिकारी राज सिंह, अकादमी के पर्यवेक्षक वेणुगोपाल पराशर, शीतांशु गुप्त मौर्य समेत अन्य मौजूद रहे।





