back to top

भारत ने बेअसर किया एक कूटनीतिक दांव

अब तो यह बात बिल्कुल दिन के उजाले की तरह साफ हो गई है कि पाकिस्तान के रहते दक्षेस का भला नहीं हो सकता। कोरोना राहत कोष में सहयोग देने को लेकर उसकी हीलाहवाली सिर्फ उसकी आर्थिक हालत को ही बयां नहीं कर रही बल्कि इससे उसकी नीयत का भी साफ पता चलता है।

क्योंकि अगर उसमें दक्षेस कोरोना राहत कोष को लेकर कोई गंभीरता होती तो अब तक जो बन सकता, अपनी हिस्सेदारी दे देता। क्योंकि पाकिस्तान से भी कमजोर अर्थव्यवस्था वाले नेपाल और अफगानिस्तान तक ने इस कोष में दस-दस लाख डॉलर का योगदान दे चुके हैं। बांग्लादेश ने 15 लाख डॉलर दिये हैं, तो मालदीव और भूटान ने क्रमश: दो और एक लाख डॉलर का योगदान देने की घोषणा की है। अब तक सिर्फ श्रीलंका और पाकिस्तान की ओर से ही इस बारे में संदेश का सबको इंतजार है।

गुजिश्तां रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक करोड़ डालर का अनुदान ‘दक्षेस कोरोना आपात कोष‘ में देने की घोषणा की थी। लेकिन कटोरा लिये खड़ा पाकिस्तान ने न केवल उस समय इस पूरे मकसद पर कश्मीर का जिक्र करके पलीता लगाने की कोशिश की थी बल्कि बाद में भी उसी कोशिश में जुटा दिख रहा है। जबकि भारतीय उपमहाद्वीप में कोरोना को लेकर सबसे गंभीर संकट पाकिस्तान में ही है।

संयोग देखिए कि जिस दक्षेस की पाकिस्तान जानबूझकर इतनी उपेक्षा करने की कोशिश कर रहा है, उसी दक्षेस का वह अध्यक्ष देश बनते-बनते रह गया। उसे 2016 में इस्लामाबाद की शिखर बैठक में नेपाल द्वारा चेयर सांैपी जानी थी। 26 नवंबर 2014 से नेपाल दक्षेस का अध्यक्ष देश है। 1 मार्च 2017 से पाकिस्तान के डिप्लोमेट अमजद हुसैन सार्क के सेक्रेट्री जनरल हैं। कोरोना वायरस के बहाने दक्षेस पुनर्जीवित हो जाता है, तो यह अच्छी बात ही होगी। बशर्ते इमरान खान अपनी हरकतों से बाज आयें।

पिछले रविवार को दक्षेस देशों के शासन प्रमुखों से वीडियो कोंफेरेंसिंग के जरिये पीएम मोदी ने कनेक्शन जोड़ा था, लेकिन ऐन मौके पर बाकी देशों के शासन प्रमुखों के बीच सीधी बातचीत के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के द्वारा अपने स्वास्थ्य राज्य मंत्री को प्रस्तुत कर देना, और उनके जरिये यह बुलवा देना कि कश्मीर में नाकेबंदी हटायें, ताकि वहां के लोगों को मेडिकल मदद दी जा सके, एक किस्म की घोर उदंडता ही थी। इस तरह का बयान देना कूटनीतिक कुटिलता का हिस्सा ही तो है।

RELATED ARTICLES

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 को, विशेष योग में आधी रात जन्मेंगे कान्हा

लखनऊ। सनातन परंपरा में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है,...

सितंबर में पड़ेंगे जन्माष्टमी, हरतालिका तीज व गणेश चतुर्थी जैसे व्रत-त्योहार

लखनऊ। सितंबर का महीना व्रत-त्योहार के मामले में इस बार बहुत खास और महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि, इस दौरान कई बड़े व्रत-त्योहार पड़ेंगे।...

बहुला चतुर्थी आज, भगवान गणेश के साथ होगी श्रीकृष्ण की पूजा

लखनऊ। हिंदू धर्म में बहुला चौथ का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की...

होर्मुज संकट की आहट से बाजार सहमा, सेंसेक्स 227 अंक लुढ़का, रुपया भी टूटा

होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता, ब्रेंट 90 डॉलर के पार; रुपया 13 पैसे फिसलकर 95.56 प्रति डॉलर परमुंबई। पश्चिम...

नेपाल में छठे दिन भी जारी है राहत और तलाशी अभियान, 903 मौतें, 4,247 लापता…चितवन में करीब 100 शवों को दफनाने पर उठे सवाल

काठमांडू । नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 903 हो गई है, जबकि 4,247...

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 को, विशेष योग में आधी रात जन्मेंगे कान्हा

लखनऊ। सनातन परंपरा में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है,...

नींव पूजन से शुरू हुआ 35 फुट ऊंचे मानस्तंभ का निर्माण

लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर परिसर में अहंकार को तोड़ने तथा विनय, नम्रता और समर्पण का भाव जागृत करने के प्रतीक 35 फुट ऊंचे...

व्यंग्य नाटक ‘क्रियाकर्म ट्वेंटी फोर सेवन’ का मंचन आठ को

लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय और संस्कृति निदेशालय के सहयोग से बिम्ब सांस्कृतिक समिति व्यंग्य नाट्य 'क्रिया कर्म ट्वेंटी फोर सेवन....' का मंचन आठ सितंबर की...

फिर आई याद कबीर की सहित तीन पुस्तकों का विमोचन

डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर स्मृति समारोह आयोजित लखनऊ। स्मृतिशेष डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर पारस बेला न्यास, कबीर शांति मिशन तथा डॉ....