बृहस्पति देव की स्थिति बदलने से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा
लखनऊ। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 30 अगस्त को ललिता सप्तमी है। इस शुभ अवसर पर राधा रानी और उनकी प्रिय सखी ललिता जी की पूजा की जाती है। इसके अगले दिन राधा अष्टमी मनाई जाती है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीराधा रानी का अवतरण हुआ था। ज्योतिषियों की मानें तो ललिता सप्तमी के दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव नक्षत्र परिवर्तन करेंगे। बृहस्पति देव की स्थिति बदलने से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। इनमें दो राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।
वृषभ राशि
देवगुरु बृहस्पति की कृपा वृषभ राशि के जातकों पर बरसेगी। उनकी कृपा से पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। यश-सम्मान में भी बढ़ोतरी होगी। कारोबार से जुड़े लोगों को विशेष धन लाभ होगा। वहीं, सरकारी नौकरी करने वाले लोगों को भी कोई गुड न्यूज मिल सकती है।
धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे। किसी बड़े मंदिर में देव दर्शन के लिए जा सकते हैं। शत्रुओं पर विजयश्री मिल सकती है। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। देवों के देव महादेव की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होगी। इसके साथ ही सोमवार और शुक्रवार के दिन सफेद चीजों का दान करें।
कर्क राशि
देवगुरु बृहस्पति देव कर्क राशि में उच्च के होते हैं। इसके लिए कर्क राशि के जातकों को हमेशा शुभ फल देते हैं। देवगुरु बृहस्पति देव की कृपा कर्क राशि पर बरसती है। उनकी कृपा से कर्क राशि के जातक करियर और कारोबार सभी क्षेत्रों में बेहतर करते हैं। वर्तमान समय आपके लिए उत्तम है।
गुरु के नक्षत्र परिवर्तन से कर्क राशि लाभान्वित होंगे। कारोबार संबंधी परेशानी दूर होगी। निवेश के लिए समय अनुकूल है। सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी। कारोबार का विस्तार करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आय के साथ व्यय भी होगा। ज्ञान अर्जन पर धन व्यय कर सकते हैं। जीवन में अनुशासन बनाएं रखें। अपने से सहयोग मिलेगा।





