साहित्य जगत में एक नए सितारे का उदय
लखनऊ। प्रतिध्वनि नामक एक ्सहित्यिक संस्था के तत्वाधान में आज दिनांक 8 नवंबर 2025 को हिंदी भवन के निराला सभागार में एक उभरती शायरा मंजुल निगम का प्रथम गजल संग्रह मुन्तजिर हूं मैं का लोकार्पण किया गया। प्रतिध्वनि के संयोजक भूपिंदर सिंह जी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन कर मां सरस्वती का आवाहन किया गया और शोभा दीक्षित ने सरस्वती वंदना की। तत्पश्चात वरिष्ठ शायरों और माननीय अतिथिगणों को सम्मानित किया गया। सम्मानित अतिथियों मुख्यत: विजय स्वर्णकार, भूपेंद्र सिंह, कृपा शंकर श्रीवास्तव, मंजू सक्सेना, गुरचरण मेहता, जगदीश मीणा, पूर्णिमा वर्मन, अशोक श्रीवास्तव, माधुरी स्वर्णकार आदि ने गजल संग्रह की विस्तृत समीक्षा की और संग्रह के कुछ चुनिंदा शेरों की चर्चा की। सुष्मिता सिंह ने मुन्तजिर हूं मैं पुस्तक से गजल गायन किया। तत्पश्चात काव्य संध्या के तहत चुनिंदा साहित्यकारों ने अपनी कृतियों का पठान और गान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली से प्रधारे प्रसिद्ध गजलकार विजय स्वर्णकार ने की। मंच का संचालन स्वधा जी ने किया। संध्या सिंह ने कार्यक्रम की सफलता के लिए आमंत्रित अतिथियों का धन्यवाद किया।





