ऋषि का सद्साहित्य पीड़ा, पतन एवं व्यसन से मुक्ति दिला सकता है : उमानन्द शर्मा
लखनऊ। गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान, सीजी सिटी, सुल्तानपुर रोड, लखनऊ, उप्र के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 450वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्त्री सुश्री चाँदनी शर्मा ने अपने मामा स्व० रवि उपाध्याय की स्मृति में भेंट किया तथा उपस्थित वरिष्ठ चिकित्सकगणों को अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की। इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ऋषि का सद्साहित्य पीड़ा, पतन एवं व्यसन से मुक्ति दिला सकता है। संस्थान के निदेशक प्रो. एमएलवी भट्ट तथा प्रो. डॉ. पीपी रावत ने भी अपने विचार व्यक्त किये। डा. प्रमोद कुमार गुप्ता ने मंच का संचालन किया। इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि उमानंद शर्मा, देवेन्द्र सिंह, सावित्री शर्मा, चाँदनी शर्मा, उषा सिंह एवं संस्थान के निदेशक एमएलवी भट्ट, प्रो डॉ पीपी रावत, संकाय प्रभारी केन्द्रीय पुस्तकालय एवं एडिशनल प्रोफेसर रेडिएशन ओंकोलॉजी डा प्रमोद कुमार गुप्ता एवं संस्थान के संकाय सदस्य एवं चिकित्सकगण मौजूद रहे।





