back to top

भावनात्मक साधना

साधना के दो भेद हैं। 1 भावनात्मक, 2 क्रियात्मक। स्वाध्याय, सत्संग, चिंतन, मनन यह चार कार्य भावनात्मक साधना के अन्तर्गत आते हैं। इनसे विचारों की, दृष्टिकोण की, भावना की शुद्धि होती है। क्रियात्मक साधना से संस्कारों का संशोधन एवं पोषण होता है। जो अशुभ संस्कार मनोभूमि में गहराई से जमे हैं, उन्हें उखाड़ने का कार्य क्रियात्मक साधना द्वारा ही संभव होता है। शुभ संस्कारों का बीजरोपण तथा उनका परिपोषण भी क्रियात्मक साधना द्वारा ही संभव होता है।

भावनात्मक साधना के संबंध में कुछ प्रकाश पिछले पृष्ठों में डाला जा चुका है। क्रियात्मक साधना के अनेक उपक्रम हैं जिनका उपयोग साधक की निष्ठा, अभिरुचि एवं परिस्थितियों के अनुरूप किया जाता है। गायत्री महामंत्र के जप का क्रियात्मक साधना में सर्वप्रथम स्थान है। इसे अनिवार्य धर्म कर्तव्य माना गया है। धर्मशास्त्रों में ऐसी व्यवस्था मिलती है कि भोजन से पूर्व कम से कम एक बार गायत्री का जप प्रत्येक धर्म प्रेमी को करना चाहिए। जो इसकी उपेक्षा करे उन्हें शूद्र कहकर तिरस्कृत किया गया है।

प्राचीन काल में संभवत: नित्य गायत्री जप की उपेक्षा करने वाले लोग शूद्र कहकर तिरस्कृत किये गये होंगे और पीछे उनकी स्वतंत्र जाति ही बन गयी होगी। मस्तिष्क और हृदय दोनों ही क्षेत्रों पर गायत्री जप का गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्मरण शक्ति, बुद्धिमत्ता, दूरदर्शिता, सूझ-बूझ परिमार्जित कल्पना, अनुत्तेजना एवं संतुलित मन:स्थिति यह मस्तिष्क के गुण हैं। गायत्री उपासना से इन सभी गुणों का साधक के प्रयत्न अनुरूप विकास होता है। निष्ठा श्रद्धा, दृढ़ता, साहस, धैर्य, उत्साह, उदारता, श्रेष्ठता, आदर्शवादिता एवं संकल्प शक्ति हृदयगत गुण हैं। गायत्री जप से इनका भी अभिवर्धन होता है।

गायत्री बुद्धि एवं भावना की देवी हैं। जहां उसकी प्रष्ठिा होगी वहां सद्ज्ञान एवं सद्भाव का विकास स्वयंमेव होता चलेगा। अंत:भूमि का स्वस्थ विकास इन्हीं दो तत्वों पर निर्भर है। गायत्री उपासना निसंदेह मनुष्य की अपूर्णताओं की खाई पाटती हुई उसे पूर्णता के परम लक्ष्य तक पहुंचा देने में समर्थ होती है। जिन्हें अपने हृदय एवं मस्तिष्क के विकास में अभिरुचि हो उन्हें गायत्री उपासना एक रामबाण अमोघ औषधि के रूप में अपनानी चाहिए। आत्मिक उन्नति की दिशा में जिनका उत्साह अधिक है, जो गुप्त आध्यात्मिक शक्तियों को विकसित करके अपने आपको सामान्य स्थिति से ऊंचा उठाकर असामान्य स्थिति में ले जाना चाहते हैं उनके लिए गायत्री के अनुष्ठान, पुनश्चरण एवं तपश्चर्यात्मक अनेक विधान हैं।

RELATED ARTICLES

नींव पूजन से शुरू हुआ 35 फुट ऊंचे मानस्तंभ का निर्माण

लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर परिसर में अहंकार को तोड़ने तथा विनय, नम्रता और समर्पण का भाव जागृत करने के प्रतीक 35 फुट ऊंचे...

व्यंग्य नाटक ‘क्रियाकर्म ट्वेंटी फोर सेवन’ का मंचन आठ को

लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय और संस्कृति निदेशालय के सहयोग से बिम्ब सांस्कृतिक समिति व्यंग्य नाट्य 'क्रिया कर्म ट्वेंटी फोर सेवन....' का मंचन आठ सितंबर की...

फिर आई याद कबीर की सहित तीन पुस्तकों का विमोचन

डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर स्मृति समारोह आयोजित लखनऊ। स्मृतिशेष डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर पारस बेला न्यास, कबीर शांति मिशन तथा डॉ....

मनौर एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 5 लोगों की मौत, 15 के फंसे होने की आशंका

प्रयागराज। प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर स्थित मोहम्मदपुर गांव में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया।...

फिनलैंड में भारत का जलवा,पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने जीते 16 पदक

भारतीय पैरा टेबल टेनिस टीम ने आईटीटीएफ विश्व पैरा फ्यूचर लाहटी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 4 रजत और 6...

प्रणव चौधरी बने एटीएल के प्रबंध निदेशक

मुंबई। ऑलकार्गो समूह की कंपनी ऑलकार्गो टर्मिनल्स लिमिटेड (एटीएल) ने प्रणव चौधरी को एक सितंबर से प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त करने की सोमवार को...

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन को रोकने का दावा किया

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने सोमवार को अपने जलक्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोक दिया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी...

सीएम योगी बोले- धन की कमी से नहीं रुकेगा किसी का इलाज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने...

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

योगी सरकार की पारदर्शी और डिजिटल खरीद व्यवस्था को मिली राष्ट्रीय पहचान, सार्वजनिक खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्यलखनऊ,विशेष संवाददाता...