8 सितंबर को कालिया मर्दन की झांकी एवं बच्चों के नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन
लखनऊ। मित्तल परिवार की ओर से अमीनाबाद रोड स्थित न्यू गणेशगंज में 6 दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों में कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। झांकी संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि चौथे दिन सोमवार को अघासुर वध का प्रसंग दिखाया गया। इसके अलावा दही हांडी मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। मुंबई की तर्ज पर दही हांडी मटकी फोड़ स्पर्धा कराई गई। इसमें 20 फीट ऊंचाई पर दही से भरी हांडी लटकाई गई। इस प्रतियोगिता में बच्चों की कई टीमों ने प्रतिभाग किया। विजयी टीम को मित्तल परिवार की ओर से पुरस्कृत किया गया।डिजिटल मूविंग अघासुर वध की झांकी में एक दिन श्रीकृष्ण अपने ग्वाल-बाल मित्रों और बछड़ों के साथ वन में खेलने गए। उसी समय कंस ने उन्हें मारने के लिए अघासुर नामक राक्षस को भेजा। अघासुर, पूतना और बकासुर का भाई था। अघासुर ने एक बहुत बड़े अजगर का रूप धारण किया। उसका शरीर पर्वत जैसा विशाल था और उसका मुंह गुफा की तरह खुला हुआ था। ग्वाल-बालों ने उसे देखकर सोचा कि यह कोई अद्भुत गुफा है। वे खेल-खेल में उसके मुंह के अंदर चले गए। बछड़े भी उनके पीछे अंदर चले गए। श्रीकृष्ण समझ गए कि यह अजगर कोई साधारण जीव नहीं, बल्कि अघासुर राक्षस है। अपने मित्रों और बछड़ों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण भी उसके मुंह में प्रवेश कर गए।अघासुर ने अपना मुंह बंद कर लिया। तब श्रीकृष्ण ने अपना शरीर बहुत विशाल कर दोनों हाथों से अघासुर का मुंह चीर कर उसका वध कर दिया। श्रीकृष्ण सभी ग्वाल-बालों और बछड़ों को रक्षा की।
वहीं अन्य झांकियों में सावन में झूला झूलते राधा कृष्ण, बाबा अमरनाथ के दर्शन, भक्त शिरोमणि हनुमान जी के हृदय में राम सीता के दर्शन की स्वचालित झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। भालू-बंदर नचाते और सांप का खेल दिखाते मदारी की झांकी के साथ राम नाम जपते तुलसीदास, माखन चोरी करने पर कन्हैया को छड़ी लेकर दौड़ाती यशोदा माता की चलती फिरती झांकी भक्तों को लुभा रही थी। 20 फिट ऊंचे शिवलिंग से गंगा अवतरण का सेल्फी कार्नर भी बनाया गया था। डिजिटल मूविंग झांकी लाइट एंड साउंड के इफेक्ट के साथ स्वचालित मूर्तियां एक्शन करती हुई दिखाई दे रही थी जो सभी भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। न्यू गणेशगंज झांकी स्थल को फूल पत्तियों, खूबसूरत आकृतियों की कोलकाता की एलईडी लाइट पैनल, झूमर, रंग बिरंगी झालरों एवं विशालकाय तोरण द्वारों पर कृष्ण के विविध रूपों को लखनऊ के मशहूर अग्रवाल इलेक्ट्रिकल, चौक के अंकुल जी द्वारा उकेरा गया था।





