प्रतिभागी बच्चों ने नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता में मचाया धमाल
लखनऊ। मित्तल परिवार की ओर से अमीनाबाद रोड स्थित न्यू गणेशगंज में 6 दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं डिजिटल मूविंग झांकियों में कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम संयोजक अनुपम मित्तल ने बताया कि पांचवे दिन मंगलवार को डिजिटल मूविंग झांकी में कालिया मर्दन का प्रसंग के अलावा सांस्कृतिक मंच पर बच्चों की नृत्य गायन प्रतियोगिता हुई। नृत्य एवं गायन प्रतियोगिता में जैशनवी कनौजिया, काव्या द्विवेदी, रिया यादव, शिवांशी ने मोहे मोर बनइय्यो राधा अपने वृंदावन को, मानवी सिंह, पीहू बाजपेई, बुलबुल गोस्वामी, पीहू राजपूत, काव्या, अर्पित गुप्ता ने बरसाने की छोरी राधा गोरी गोरी…, आराध्या साहू, प्रगति सिंह ने राधा कैसे न जले…, परी श्रीवास्तव ने मन मंदिर में सजे बिहारी…, श्याम बंशी बजाते हो या मुझे बुलाते हो…, श्याम चूड़ी बेचने आया… पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर सभी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य गायन स्पर्धा में बच्चों ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से परिचित कराया। डिजिटल मूविंग कालिया मर्दन की झांकी में एक बार वृंदावन में यमुना नदी के अंदर कालिया नाम का बहुत विषैला नाग रहता था। उसके विष से नदी का पानी दूषित हो गया था और आसपास के पेड़-पौधे तथा जीव-जंतु मरने लगे थे। एक दिन श्रीकृष्ण अपने ग्वाल-बाल मित्रों के साथ यमुना किनारे खेल रहे थे। गेंद नदी में गिर गई। श्रीकृष्ण गेंद लेने के लिए यमुना में कूद पड़े। कालिया नाग ने उन्हें अपनी कुंडली में जकड़ लिया। श्रीकृष्ण ने तुरंत अपना शरीर बड़ा कर लिया और कालिया की पकड़ से बाहर आ गए। फिर वे कालिया के फनों पर चढ़कर नृत्य करने लगे। उनके पैरों के प्रहार से कालिया कमजोर हो गया। उसकी पत्नियों ने श्रीकृष्ण से दया की प्रार्थना की। श्रीकृष्ण ने कालिया को क्षमा कर दिया और उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने का आदेश दिया। इस प्रकार यमुना नदी फिर से स्वच्छ हो गई और वृंदावन के लोग प्रसन्न हो गए। वहीं अन्य झांकियों में सावन में झूला झूलते राधा कृष्ण, बाबा अमरनाथ के दर्शन, भक्त शिरोमणि हनुमान जी के हृदय में राम सीता के दर्शन की स्वचालित झांकी भक्तों के आकर्षण का केंद्र रही। भालू-बंदर नचाते और सांप का खेल दिखाते मदारी की झांकी के साथ राम नाम जपते तुलसीदास, माखन चोरी करने पर कन्हैया को छड़ी लेकर दौड़ाती यशोदा माता की चलती फिरती झांकी भक्तों को लुभा रही थी। 20 फिट ऊंचे शिवलिंग से गंगा अवतरण का सेल्फी कार्नर भी बनाया गया था। डिजिटल मूविंग झांकी लाइट एंड साउंड के इफेक्ट के साथ स्वचालित मूर्तियां एक्शन करती हुई दिखाई दे रही थी जो सभी भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। न्यू गणेशगंज झांकी स्थल को फूल पत्तियों, खूबसूरत आकृतियों की कोलकाता की एलईडी लाइट पैनल, झूमर, रंग बिरंगी झालरों एवं विशालकाय तोरण द्वारों पर कृष्ण के विविध रूपों को लखनऊ के मशहूर अग्रवाल इलेक्ट्रिकल, चौक के अंकुल जी द्वारा उकेरा गया था।





