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पुस्तक लोकार्पण संग साहित्यकारों का हुआ सम्मान

 

लखनऊ। राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उ.प्र. के तत्वावधान में उर्दू अकादमी प्रेक्षागृह, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ में वर्ष 2020-21 में आयोजित लेख, कहानी और काव्य प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा, अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान, उ.प्र. ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शैलेन्द्र सागर थे। कार्यक्रम में वाणी वन्दना डॉ. शोभा दीक्षित भावना ने की एवं संचालन डॉ. रश्मिशील एवं डॉ. उमेश चन्द्र वर्मा आदित्य ने किया तथा अतिथियों का स्वागत डॉ. रविशंकर पाण्डेय द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संस्थान का परिचय एवं उपलब्धियों का व्याख्यान संस्थान की महामंत्री डॉ सीमा गुप्ता द्वारा दिया गया।
उक्त समारोह में संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका अपरिहार्य का लोकार्पण किया गया एवं संस्थान द्वारा बनाये गये, जाने माने वरिष्ठ साहित्यकार शिवमूर्ति की साहित्यिक साधना पर आधारित वृत्त चित्र का लोकार्पण एवं प्रदर्शन भी किया गया। उक्त वृत्तचित्र का लेखन डॉ. रश्मिशील ने किया है। संस्थान द्वारा राज्यकर्मी साहित्यकारों हेतु एक लेख कहानी काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें लेख का विषय कोरोना महामारी के कारण जीवन में आये बदलाव साहित्य एवं संस्कृति से हम क्या समझते हैं। काव्य प्रतियोगिता का विषय पर्यावरण था तथा कहानी प्रतियोगिता का कोई निर्धारित शीर्षक नहीं था। इस प्रतियोगिता में पुरस्कार योग्य पाये गये 9 लेखकों-कवियों को 31 हजार का पुरस्कार तथा अन्य 9 लेखकों-कवियों को भी 21 हजार के पुरस्कार प्रदान किये गये।

लेख हेतु पुरस्कार

सुरेन्द्र शर्मा, तत्कालीन सहायक समीक्षा अधिकारी, सचिवालय, राजस्व अनु 6, उ.प्र. शासन। संजय चौधरी, तत्कालीन मुख्य व्यवस्था अधिकारी, जवाहर भवन, डॉ. सन्दीप परमार, तत्कालीन उप सचिव, डॉ. ऋचा आर्या, तत्कालीन कम्प्यूटर सहायक, दिलीप कुमार दुबे, तत्कालीन पुस्तकालयाध्यक्ष एवं मुख्य प्रलेखीकरण अधिकारी, राजमन राम, तत्कालीन समीक्षा अधिकारी।

कहानी हेतु पुरस्कार

खामोश राखी, संतोष कुमार कौशिल, तत्कालीन उपनिरीक्षक, खाई, अमरेन्द्र कुमार द्विवेदी, तत्कालीन समीक्षा अधिकारी, अहिल्या: एक युगान्तक नारी, अल्का तिवारी, तत्कालीन प्रधानाचार्या, उपेक्षित रेखा, डॉ. चाँदनी बाला, तत्कालीन समीक्षा अधिकारी, गोलू, भोलू और मंगलू, श्रवण कुमार, तत्कालीन नगर विकास विभाग, घायल संवेदनाएँ, डॉ. वीरेन्द्र सिंह कुसुमाकर, तत्कालीन कार्मिक लोक निर्माण अनुभाग।

कविता हेतु पुरस्कार

केवल प्रसाद सत्यम, तत्कालीन वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, अनुराग सिन्हा, तत्कालीन अनुभाग अधिकारी, पूर्णिमा बेदार श्रीवास्तव, तत्कालीन अनु सचिव, लोकेश त्रिपाठी, तत्कालीन समीक्षा अधिकारी, मुकेश कुमार मिश्र, तत्कालीन आरक्षी, इन्द्रासन सिंह इन्दु, तत्कालीन वरिष्ठ सहायक, अन्त में डॉ. अम्बरीश कुमार सिंह ने सभी आगन्तुक अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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