back to top

किताबों का मार्गदर्शन

महापुरुषों के लिखित ग्रंथ, किताबें हमारा मार्गदर्शन करती हैं। सत्संग का अर्थ है सम्भ्रांत, आदर्श चरित्र, तत्वदर्शी मनीषियों की संगति, सान्निध्य और शिक्षा का अवगाहन। ऐसे मनीषी आज बहुत ही कम हैं। जो हैं वे कार्य में व्यस्त रहने के कारण व्यक्तिगत सत्संग क लिए समय नहीं दे पाते। ऐसी दशा में आत्म निर्माण संबंधी प्रवचनों की जहां व्यवस्था हो वहां पहुंचा जा सकता है।

महापुरषों के ग्रंथ भी सत्संग का ही काम दे सकते हैं। वे मनीषी भले ही हमसे दूर हों या स्वर्गवासी हो चुके हों तो भी उनके विचार उनके लिखे ग्रंथ हमें सदा प्रस्तुत मिलेंगे और वे हमें सत्संग का लाभ देते रहेंगे। आज सत्संग के नाम पर निराशावादी भाग्यवादी पलायनवादी अतिवादी विचारधारा देने वाले साधु बाबाजी बहुत हैं। इन विचारों से भ्रम जंजाल ही बढ़ता है और उसके प्रभाव से व्यक्ति एक प्रकार से निकम्मा ही बन जाता है। इसलिए ऐसे सत्संग को कुसंग मानकर उससे बचते रहना ही उचित है।

चिंतन और मनन के बिना पुस्तक बिना साथी का स्वाध्याय सत्संग ही है। अपने आप अपनी स्थिति पर अपनी त्रुटियों और दुर्बलताओं पर विचार करके, बुराइयों को छोड़ने और अच्छाइयों को बढ़ाने के लिए अकेले में सोच विचार कराना चिंतन है और उत्थान पथ पर अग्रसर करने वाली सत्शिक्षा के महत्व एवं माहात्म्य पर विस्तारपूर्वक सोचना एवं उसी ढांचे में अपने को ढालने की योजना बनाना मनन है।

चिंतन और मनन करते रहने वाला मनुष्य अपनी बौद्धिक चरित्र और लौकिक दुर्बलताओं को आत्मनिरीक्षण एवं आत्मा आलोचनाओं के आधार पर भली प्रकार जान सकता है और जिस प्रकार रोग का निदान होने पर चिकित्सा सरल हो जाती है। उसी प्रकार अपनी त्रुटियों को जानने वाला उन्हें सुधारने का उपाय भी ढूंढ ही निकालता है। रात्रि को सोते समय दिन भर के भले-बुरे विचारों और कार्यों का लेखा-जोखा लेना चाहिए। जीवन की वास्तविक सम्पत्ति समय ही है।

नियमित कार्य्रम बनाकर अपने बहुमूल्य समय का सदुपयोग करने की कला जिसे आ गयी उसने सफलता का रहस्य समझ लिया। रात को रोते समय दिन भर के विचारों और कार्यों की भलाई-बुराई का परीक्षण करके यह देखना कि आज दिन का कितना सदुपयोग अपव्यय एवं दुरुपयोग हुआ। इसी प्रकार प्रात:काल उठते समय दिन भर का कार्यक्रम बनाना तथा पिछले दिन की बात को स्मरण रखते हुए जीवन के अपव्यय एवं दुर्व्यय को बचाकर आधिकारिक सदुपयोग की योजना बनाई जाये। नित्य डायरी रखकर भी इस प्रकार आत्म निरीक्षण एवं आत्म निर्माण का आयोजन करते रहा जा सकता है।

RELATED ARTICLES

नींव पूजन से शुरू हुआ 35 फुट ऊंचे मानस्तंभ का निर्माण

लखनऊ। आशियाना दिगंबर जैन मंदिर परिसर में अहंकार को तोड़ने तथा विनय, नम्रता और समर्पण का भाव जागृत करने के प्रतीक 35 फुट ऊंचे...

व्यंग्य नाटक ‘क्रियाकर्म ट्वेंटी फोर सेवन’ का मंचन आठ को

लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय और संस्कृति निदेशालय के सहयोग से बिम्ब सांस्कृतिक समिति व्यंग्य नाट्य 'क्रिया कर्म ट्वेंटी फोर सेवन....' का मंचन आठ सितंबर की...

फिर आई याद कबीर की सहित तीन पुस्तकों का विमोचन

डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर स्मृति समारोह आयोजित लखनऊ। स्मृतिशेष डॉ. शम्भुनाथ की प्रथम पुण्यतिथि पर पारस बेला न्यास, कबीर शांति मिशन तथा डॉ....

मनौर एयरफोर्स स्टेशन के पास पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 5 लोगों की मौत, 15 के फंसे होने की आशंका

प्रयागराज। प्रयागराज और कौशांबी बॉर्डर पर स्थित मोहम्मदपुर गांव में सोमवार दोपहर एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया।...

फिनलैंड में भारत का जलवा,पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों ने जीते 16 पदक

भारतीय पैरा टेबल टेनिस टीम ने आईटीटीएफ विश्व पैरा फ्यूचर लाहटी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 स्वर्ण, 4 रजत और 6...

प्रणव चौधरी बने एटीएल के प्रबंध निदेशक

मुंबई। ऑलकार्गो समूह की कंपनी ऑलकार्गो टर्मिनल्स लिमिटेड (एटीएल) ने प्रणव चौधरी को एक सितंबर से प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त करने की सोमवार को...

संयुक्त अरब अमीरात ने अपने जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन को रोकने का दावा किया

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात की वायुसेना ने सोमवार को अपने जलक्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को रोक दिया। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी...

सीएम योगी बोले- धन की कमी से नहीं रुकेगा किसी का इलाज

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि राज्य में धन के अभाव में किसी भी मरीज का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने...

यूपी की ऐतिहासिक छलांग, जेम पर 1 लाख करोड़ से अधिक की खरीद, तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित

योगी सरकार की पारदर्शी और डिजिटल खरीद व्यवस्था को मिली राष्ट्रीय पहचान, सार्वजनिक खरीद में उत्तर प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्यलखनऊ,विशेष संवाददाता...