ये जानकारी लेखक और फिल्म निमार्ता विमल चंद्र पांडे ने पोस्ट कर दी
लखनऊ। दुनिया भर में फिल्म फेस्टिवल सबमिशन प्रक्रियाओं के लिए डिफॉल्ट टूल बन गए फिल्मफ्रीवे ने भोजपुरी दर्शकों को बड़ा तोहफा दिया है। फिल्मफ्रीवे पर भोजपुरी भी आॅफिशियल भाषा के तौर पर जुड़ गई है। इस बात की जानकारी लेखक, पत्रकार और फिल्म निमार्ता विमल चंद्र पांडे ने पोस्ट कर दी है। विमल ने अपनी खुशी जाहिर करने के लिए फेसबुक का सहारा लिया और उनकी पोस्ट से इसके लिए की गई उनकी मेहनत का भी खुलासा हुआ। विमल चंद्र पांडे ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘फिल्मफ्रीवे ऐसा वेबसाइट है जहां अपना फिल्म अपलोड करके देश-दुनिया के अलग-अलग फिल्म फेस्टिवल में भेजा जा सकता है। इसका उपयोग अपनी पहली फिल्म द होली फिश में किया गया था और उसका सलेक्शन राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह के फिल्म फेस्टिवल में हुआ था।’उन्होंने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ‘बाकी जब अपनी भोजपुरी फिल्म मद्धिम को फिल्मफ्रीवे पर अपलोड किया तो मुझे ये जानकर आश्चर्य हुआ कि भाषा वाली श्रेणी में एक साईन लैंग्वेज की जगह दी गई थी लेकिन उसमें भोजपुरी का नाम नहीं था। मेल किया तो आश्वासन मिला कि इस पर विचार किया जाएगा। कई बार याद दिलाने और भोजपुरी आॅडियंस की रीच के बारे में समझाने के बाद वापस से मेल आया कि अब फिल्मफ्रीवे पर भोजपुरी भी आॅफिशियल लैंग्वेज होगी तो अंदर से बहुत अच्छा लगा। जब सामने से बताया जाएगा तो सामने वाले को जरूर समझ आएगा।
क्या है फिल्मफ्रीवे?
जानकारी हो कि फिल्मफ्रीवे फिल्म निमार्ताओं के लिए विश्व स्तर पर सैकड़ों फिल्म समारोहों में अपनी फिल्में प्रस्तुत करने के लिए एक वेबसाइट है। 2014 में कनाडा में चार व्यक्ति के स्टार्टअप के रूप में शुरू हुआ, यह अमेजन के स्वामित्व वाली बड़ी कंपनी ‘विदाउटअबॉक्स’ के साथ प्रतिस्पर्धा में लगातार बढ़ता गया। उस समय तक, डिजिटल फिल्म महोत्सव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया पर ‘विदाउटअबॉक्स’ का एक आभासी एकाधिकार था। हालांकि, साल 2019 में इसके बंद होने के साथ ही फिल्मफ्रीवे दुनिया भर में फिल्म फेस्टिवल सबमिशन प्रक्रियाओं के लिए डिफॉल्ट टूल बन गया।





