back to top

ईस्टर संडे आज, गिरिजाघरों में होगी विशेष प्रार्थना

प्रभु यीशु के बलिदान की याद दिलाता है
लखनऊ। ईस्टर संडे ईसाई धर्म का एक प्रमुख त्योहार है, जो यीशु मसीह के पुनरुत्थान की स्मृति में मनाया जाता है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक पुनर्जन्म का प्रतीक है, बल्कि एक नई शुरूआत और उम्मीद का संदेश भी देता है। इस खास अवसर पर चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है, जहां श्रद्धालु प्रभु यीशु के जीवन, बलिदान और पुनरुत्थान पर ध्यान करते हैं। इसे पाम संडे के नाम से भी जाना जाता है। साल 2025 में ईस्टर संडे 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। इससे दो दिन पहले, 18 अप्रैल को गुड फ्राइडे था, जो प्रभु यीशु के बलिदान की याद दिलाता है।

ईस्टर संडे का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन प्रभु यीशु मृत्यु के तीन दिन बाद पुन: जीवित हुए थे। इसके बाद उन्होंने चालीस दिनों तक अपने शिष्यों के साथ समय बिताया और लोगों को प्रेम, दया और क्षमा का संदेश दिया। फिर वे स्वर्ग की ओर प्रस्थान कर गए। यही वजह है कि इस चमत्कारी घटना की याद में लोग ईस्टर संडे मनाते हैं।

चर्च में होगी विशेष प्रार्थना
इस पावन दिन पर ईसाई समुदाय के लोग चर्च जाकर प्रार्थना करते हैं और मोमबत्तियां जलाते है। इस दिन लोग एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं देते हैं। ईस्टर की खास परंपरा है कि इस दिन अंडों को रंग-बिरंगे रूप में सजाया जाता है और उपहार के रूप में बांटा जाता है। बाइबल पाठ और आध्यात्मिक गीतों के माध्यम से इस दिन का महत्व और गहराई से महसूस किया जाता है।

RELATED ARTICLES

जन्माष्टमी पर सजे बाजार, कान्हा की बांसुरी और मूर्ति कर रही आकर्षित

लखनऊ। 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व है। कान्हा के जन्म के इस उत्सव को मनाने के लिए हर कोई लालायित है। घरों...

‘श्याम पिया मोरे रंग दे चुनरिया’… पर दिखा कथक का अद्भुत रूप

ख्यातिलब्ध कलाकारों की कथक प्रस्तुतियों ने बनाया नमन समारोह को यादगार नवांकुरों के घुघरुंओं ने दर्शकों का दिल जीता लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ...

रंगों और रचनात्मकता के साथ संपन्न हुआ ‘नवागमन’

लखनऊ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के वास्तुकला एवं योजना संकाय में आयोजित दो दिवसीय नवागमन ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन एक रंगमय,...

जन्माष्टमी पर सजे बाजार, कान्हा की बांसुरी और मूर्ति कर रही आकर्षित

लखनऊ। 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व है। कान्हा के जन्म के इस उत्सव को मनाने के लिए हर कोई लालायित है। घरों...

‘श्याम पिया मोरे रंग दे चुनरिया’… पर दिखा कथक का अद्भुत रूप

ख्यातिलब्ध कलाकारों की कथक प्रस्तुतियों ने बनाया नमन समारोह को यादगार नवांकुरों के घुघरुंओं ने दर्शकों का दिल जीता लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ...

रंगों और रचनात्मकता के साथ संपन्न हुआ ‘नवागमन’

लखनऊ। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के वास्तुकला एवं योजना संकाय में आयोजित दो दिवसीय नवागमन ओरिएंटेशन कार्यक्रम का समापन एक रंगमय,...

भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, सृजन और संवेदना का प्रतीक रही है

निबंध प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ एवं पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ के संयुक्त तत्त्वावधान...

रॉक बैंड की प्रस्तुति के बीच इस्कॉन मंदिर में होगा कान्हा का स्वागत

लखनऊ। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) सुशांत गोल्फ सिटी, लखनऊ में 4 सितंबर दिन शुक्रवार...

पारस अंतरराष्ट्रीय दृश्यकला प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ

लखनऊ। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में कला दीर्घा, अंतरराष्ट्रीय दृश्य कला पत्रिका एवं कला स्रोत कलावीथिका के संयुक्त तत्वावधान में पारस अंतरराष्ट्रीय दृश्यकला प्रदर्शनी...