लखनऊ। प्रभु यीशु मसीह के पुन: जी उठने की खुशी में रविवार को ईसाई धर्मावलंबियों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ ईस्टर जुलूस निकाला।
सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च से शाम को निकले जुलूस में मैथोडिस्ट, कैथोलिक, एसेम्बली आॅफ बिलीवर्स चर्च के बिशप, पादरी और बड़ी संख्या में ईसाई महिला, पुरुष, वृद्ध व बच्चे शामिल हुए। हाथों में प्रभु यीशु के संदेश के बैनर व जुबा पर प्रभु यीशु के पुन: जीवित होने के गीत गाते हुए निकले। सेंट जोसफ कैथिड्रल पर जुलूस के पहुंचने के बाद यहां प्रार्थना सभा हुई।
प्रभु यीशु के दोबारा अवतारित होने की खुशी में लालबाग स्थित सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च से यूनाइटेड क्रिस्चियन ईस्टर प्रोसेसन कमेटी के बैनर तले जुलूस निकाला गया। जुलूस में धार्मिक प्रतीक सलीब (क्रॉस) के पीछे विभिन्न चर्चो के विशप, पादरी पाराम्परिक वेषभूषा में चल रहे थे। इसके पीछे दो पंक्तियों में अन्य लोग अपने-अपने चर्चो के बैनर के साथ यीशु के फिर से जीवित होने के गीत गाओ-गाओ जय के गीत गायो…, जी उठा है मसीहा खुशी मनाओ…, गाते, ताली बजाते हुए श्रद्धा के साथ निकले। ईस्टर जुलूस कैसरबाग चौराहे होते हुए बीएन रोड, नूर मंजिÞल के सामने से नॉवेल्टी टाकीज होते हुए हजारतगंज स्थित सेंट जोसफ कैथिड्रल चर्च पर समाप्त हुआ। यहां पर विभिन्न बिशपों द्वारा ईस्टर का संदेश और मुबारकबाद दी गई। कैथिड्रल में फादर एलियास द्वारा आराधना की गई। प्रारम्भिक प्रार्थना एजी चर्च से रेवनन लॉरेंस जोसेफ ने की। असेंबली आॅफ बिलीवर्स चर्च के बिशप आॅगस्टस एंथोनी ने ईस्टर संदेश दिया। पादरी डॉ. अरुण सिंह ने धर्मग्रंथ का पाठ किया। समापन प्रार्थना कैथोलिक चर्च के बिशप डॉ जेराल्ड जॉन मथायस द्वारा की गई। इस मौके पर ईस्टर जुलूस समिति के अध्यक्ष व पैरिश पादरी सेंट जोसेफ कैथेड्रल फादर रॉबर्ट क्वाद्रस, फादर नरेश लोबो, फादर डोनाल्ड डिसूजा, बिशप शैलेंद्र दस, पादरी राजेश दयाल, पादरी मॉरिस कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। अंत में सभी ने एक दूसरे को ईस्टर की मुबारकबाद दी।
सेंट पीटर्स चर्च में हुई आराधना, निकला जुलूस:
चारबाग, रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित सेंट पीटर्स चर्च में सुबह पांच बजे पहली आराधना हुई। वहीं जुलूस निकाला गया। इसके बाद मुख्य आराधना हुई। जिसमें रेवरन हेनरी जॉनसन ने प्रभु यीशु मसीस के प्रेम और शांति का संदेश दिया। चर्च की क्वायर ने संगीत के बीच मधुर गीत प्रस्तुत किए। इसके साथ ही सेंट जोसफ कैथिड्रल में भी सुबह प्रभु के पुनरूथान पर आराधना हुई। शहर के अन्य चर्चों में भी प्रार्थना सभा हुई। घरों पर भी लोगों ने ईस्टर उत्सव मनाया।
यीशु दया का बहता सागर…:
इस यात्रा में युनाइटेड क्रिश्चियन फोरम के पुरोहित, सेंट्रल मैथोडिस्ट चर्च के फादर, हजरतगंज स्थित क्राइस्ट चर्च कॉलेज के प्रिंसिपल, बेतहसदा फेलोशिप चर्च के बिशप सहित विभिन्न चर्च के फादर शामिल हुए। संयोजक मंडल ने बताया कि नूर मंजिल और हलवासिया चौराहे पर यात्रा थोड़ी देर रुकी और प्रभु ईसा को याद किया। यात्रा में सबसे आगे सेवियो जोजफ ने उद्धार का क्रॉस लेकर अगुआई की। दो पक्तियों में चल रहे अनुयायियों ने यीशु दया का बहता सागर गीत भी सुनाया। कैथेड्रल में बाइबल का पाठ कर लोगों को ईसा मसीह के संदेश दिए गए। बिशप आॅगस्टस अन्थोनी ने भी आशीष वचन दिए। इस मौके पर लाल नीली रोशनी की झालर से नहाया कैथेड्रल चर्च सेल्फी लेने वालों का मुख्य सेंटर बन गया। लोगों ने मां मरियम की प्रतिमा के पास कैंडल भी रोशन की।
एक-दूसरे को दी बधाई:
जुलूस में लखनऊ की सभी कलीसियाओं एवं मसीही लोगों ने भाग लिया और एक-दूसरों को ईस्टर की मुबारकबाद दी। कमेटी की अध्यक्षता आरएफ बन्नी तथा फादर एलिएस द्वारा की गयी। ईस्टर जुलूस सेंट जोसेफ कैथेड्रल में आराधना के बाद समाप्त हुआ। जिसके बाद सेंट जोसेफ कैथेड्रल में एक छोटी आराधना फादर एलियास द्वारा आयोजित की गई। प्रारंभिक प्रार्थना रेव। डॉ। हर्बर्ट एबेल द्वारा की गई थी। रेव। आशीष मैक्सटन द्वारा धर्मग्रंथ का पाठ किया गया। ईस्टर संदेश बिशप आॅगस्टस एंथोनी द्वारा दिया गया। समापन प्रार्थना बिशप डॉ। जे मथायस द्वारा की गई और ई माकाइट द्वारा वोट आॅफ थैंक्स दिया गया।
‘दया का घर’ में ईस्टर (पुनरुत्थान दिवस) पर भव्य आयोजन
लखनऊ। बुद्धेश्वर, पिंक सिटी स्थित ‘दया का घर’ (बेतसैदा फैलोशिप ट्रस्ट) में आज प्रभु यीशु मसीह के जी उठने का पर्व ‘ईस्टर’ (पुनरुत्थान दिवस) बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आयोजित विशेष प्रार्थना सभा और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में मसीही समाज के लोग और अन्य श्रद्धालु शामिल हुए।
चर्च के फाउंडर आर्च बिशप डॉ. आर. सी. शेत ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए ईस्टर का विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु मसीह ने संपूर्ण मानवता के कल्याण और मानव जीवन की रक्षा के लिए क्रूस पर अपना बलिदान दिया। जो ईश्वर इस समस्त सृष्टि का रचयिता है, उसने मानव जाति को पापों की दासता से मुक्ति दिलाने और दुनिया में शांति स्थापित करने के लिए स्वयं मनुष्य रूप में अवतार लिया। उन्होंने अपना पूरा जीवन दूसरों की सेवा में समर्पित कर दिया और मृत्यु पर विजय प्राप्त कर तीसरे दिन मुर्दों में से जी उठे।
इस विशेष आयोजन में बच्चों द्वारा प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान और उनके जीवन संदेश पर आधारित विभिन्न नाटक, मधुर गीत और सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
6 दिवसीय विशेष अभियान
बेतसैदा फैलोशिप ट्रस्ट द्वारा इस तरह के विशेष प्रेरणादायक कार्यक्रम केवल आज ही नहीं, बल्कि 3 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि प्रभु का शांति और प्रेम का संदेश जन-जन तक पहुंच सके।
इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने में आर्च बिशप डॉ. आर. सी. शेत के साथ पास्टर रॉबिंसन, पास्टर अजय कुमार, पास्टर विनोद, पास्टर रामचन्द्र, पास्टर राजेश, बिशप मयंक डेविड, राम आसरे और पप्पू भाई सहित लगभग 50 से अधिक सेवकों एवं प्रबुद्ध मतावलंबियों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।





