कम प्रदुषण वाले जिलों में बेचे-खरीदे जा सकेंगे सिर्फ ग्रीन क्रैकर्स : मुख्य सचिव
लेज़र व डिजिटल को किया जायेगा प्रोत्साहित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बहुत ज़्यादा वायु प्रदुषण वाले राजधानी लखनऊ सहित 13 शहरों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार दिवाली के मौके पर आतिशबाज़ी पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबन्ध लगा दिया है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार केवल उन जिलों में जहां प्रदुषण का स्तर मध्यम या उससे बेहतर है वहां सिर्फ ग्रीन क्रैकर बेचने-खरीदने की अनुमति दी जायेगी।
प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने आतिशबाजी (फायर क्रेकर्स) के बेचने और इस्तेमाल के संबंध में एनजीटी कोर्ट, नई दिल्ली के पारित आदेशों के क्रम में विस्तृत दिशा-निर्देश सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं मण्डलीय व जनपदीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जारी किये गये हैं।
मुख्य सचिव ने बताया कि एनजीटी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (एनसीआर), आगरा, वाराणसी, मेरठ (एनसीआर), हापुड़ (एनसीआर), गाजियाबाद (एनसीआर), कानपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, नोएडा (एनसीआर), ग्रेटर नोएडा (एनसीआर), बागपत (एनसीआर) व बुलन्दशहर (एनसीआर) जिलों में एक्यूआई की स्थिति खराब दर्शायी गयी है। इन जिलों में आतिशबाजी को बेचने और उनके इस्तेमाल प्रयोग पर एनजीटी द्वारा दिये गये आदेशों का तत्काल कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये और दीपावली को मनाने के लिये डिजिटल या लेजर आदि की नयी तकनीक का इस्तेमाल किया जाये।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के जिन जिलों में एक्यूआई माडरेट या उससे बेहतर है, वहां पर केवल ग्रीन क्रेकर्स बेचे जायें। इसके अलावा इन जिलों में दीपावली मनाने के लिये ग्रीन क्रेकर व डिजिटल या लेजर आदि की नयी तकनीक के इस्तेमाल को आमजन में प्रोत्साहित किया जाये।
बता दें कि देशभर में वायु प्रदूषण के चलते खराब हो रही हवा की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में पटाखे की ब्रिकी-इस्तेमाल पर सोमवार रात से 30 नवंबर तक प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं देश के अन्य राज्यों के लिए भी आदेश दिये हैं। एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि जिन शहरों में हवा की गुणवत्ता सही है वहां केवल ग्रीन पटाखों को ब्रिकी और इस्तेमाल किया जा सकते हैं और इसके लिए सिर्फ दो घंटे का समय दिया गया है। यह छूट दिवाली, छठ पूजा, क्रिसमस और नये साल के लिए दी गयी है।





