लखनऊ। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) उत्तर प्रदेश की जून 2025 तिमाही समीक्षा बैठक का आयोजन 24 सितम्बर 2025 को बैंक ऑफ़ बड़ौदा के गोमतीनगर स्थित बड़ौदा हाउस के सर सयाजीराव गायकवाड हॉल में किया गया। बैठक की अध्यक्षता बैंक ऑफ़ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक एवं एसएलबीसी अध्यक्ष लाल सिंह ने की।
बैठक में भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड, उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत में बैंक ऑफ़ बड़ौदा के महाप्रबंधक एवं एसएलबीसी संयोजक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए जून त्रैमास में हुई बैंकिंग गतिविधियों और सरकारी योजनाओं की प्रगति से सभी को अवगत कराया।
लाल सिंह ने बैंकों से कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ लेते हुए प्रदेश में बैंकिंग व्यवसाय को और सुदृढ़ बनाया जाए।प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के संशोधित स्वरूप में अधिक से अधिक ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार Unclaimed Deposit और DEAF Accounts के निस्तारण हेतु अक्टूबर माह से जिलाधिकारी कार्यालयों में विशेष शिविर लगाने की जानकारी दी गई।
डॉ. सारिका मोहन, महानिदेशक (संस्थागत वित्त निदेशालय, उत्तर प्रदेश सरकार) ने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने, कृषि एवं एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह तेज करने और सीएम युवा योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया।उन्होंने एसडीजी इंडेक्स के परिप्रेक्ष्य में बैंक शाखाओं एवं एटीएम की संख्या राष्ट्रीय औसत से अधिक करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।आगामी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 (25 सितम्बर, नोएडा) में बैंकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया।
बैठक के दौरान राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार प्रायोजित योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तिका का विमोचन किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में अधिक किसानों को जोड़ने, जन-धन खातों में Re-KYC की प्रक्रिया पूरी करने और सरकारी योजनाओं की प्रगति को गति देने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बैठक का समापन एसएलबीसी की उप-महाप्रबंधक निधि कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।





