लखनऊ। श्रावण मास के छठे सोमवार पर राजधानी के शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। डालीगंज का मनकामेश्वर हो या फिर चौक का कोनेश्वर और रकाबगंज का सिद्धनाथ मन्दिर सभी मन्दिरों में भोले के भक्तों की लम्बी कतारें दिखी। मोहान रोड के बुद्धेश्वर और ठाकुरगंज कल्याण गिरि मन्दिर में भी भोले की जय जयकार रही।
डालीगंज के मनकामेश्वर मंदिर में सबसे पहले गोमती के जल से महादेव का जलाभिषेक हुआ उसके बाद 4 परिवारों ने मिलकर दूध, बेसन, शहद, दही, तिल, जौ व चन्दन से बाबा महाअभिषेक एवं रुद्राभिषेक किया। ढोल, नागफनी, डमरू, शंख, नगाड़ा, मजीरा की ध्वनि पर जब महाआरती हुई उस क्षण पूरा मंदिर प्रांगण हर हर महादेव और जय शिव शम्भू जयघोष से गूंज उठा। श्रावण का छठे सोमवार पर श्रद्धालुओ की लम्बी लाइन लगी रही। पंडित शिव राम अवस्थी के सानिध्य में 11 ब्राह्मणों ने विश्व कल्याण के लिए महामृत्युंजय का निरंतर पाठ किया।

फोटो अमित वर्मा
शाम को गणपति शृंगार में उतरे बाबा
श्रावण मास के छठे सोमवार को राजेन्द्र नगर स्थित महाकाल मंदिर में सुबह और शाम बाबा दो रूपों में प्रकट हुए। सुबह महाकाल तो शाम को गणेशजी के मनोहारी स्वरूप में दिखाया गया है। सुबह भस्म आरती से पूजा हुई। भक्तों ने मंदिर कुंड के हरिहर जल से जलाभिषेक किया। शाम को बाबा की महाआरती हुई्र। मंदिर संयोजक अतुल मिश्र ने बताया कि मंदिर में फरुर्खाबाद और मारवाडी समाज की दो कांवड़ यात्राएं भी पहुंचीं। इस दौरान कांवड़ियों ने भोलेनाथ का गंगाजल के अभिषेक किया।
सदर में बाबा बर्फानी के रूप में शृंगार
सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम मंदिर में सोमवार शाम बाबा बफार्नी रूप में सजावट की गई। सेवादार के रूप में छात्र उज्ज्वल, कल्पना, सूरज, दिव्या, विकास आदि ने श्रृंगार किया। शाम को भजन संध्या में भोले का गुणगान और भव्य आरती हुई। डालीगंज प्राचीन मनकामेश्वर मठ मंदिर में सुबह से भक्तों की कतार रहीं। जयकारे लगाते हुए भक्तों ने दर्शन किया।
फोटो अमित वर्मा
चौपटिया में रुद्राभिषेक, सिद्धनाथ मंदिर में पार्थिव पूजन
चौपटिया स्थित बड़ा शिवाला में आचार्य बांकेश्वर के सानिध्य में शिवार्चन-रुद्राभिषेक किया गया। पुजारी राजेश मिश्रा ने बताया कि जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। निरालानगर बाल्केश्वर हनुमान मंदिर में सुबह से भक्तों की कतार लग गई। शिवजी को यहां 108 कमलपुष्पों से सजाया गया। भक्तों ने जल, बेलपत्र, दूध, फूल आदि से आराध्य को पूजा। नादान महल रोड स्थित प्राचीन भगवान सिद्धनाथ मंदिर में सावन के पांचवें सोमवार को भक्तों ने दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक से शिवजी की आराधना की।
काशीश्वर मंदिर में भक्तों का तांता
मोहनलालगंज के 150 वर्ष पुराने काशीश्वर शिवाला मंदिर में सुबह से तांता रहा। शिवभक्त नीरज राघव ने कहा कि यहां से श्रद्धा भाव से मनोकामना पूर्ण होती है। कालेबीर मंदिर परिसर में द्वादष ज्योतिर्लिंग मंदिर में रुद्राभिषेक समेत भंडारा हुआ। चिनहट के प्रचीन बड़ाशिवाल सिद्धेश्वर महादेव के मंदिर में भी भक्तों ने शिव पूजन किया।
डालीगंज में केदारनाथ और बाबा बर्फानी के दर्शन
लखनऊ। रंग बिरंगी लाइटों और जगमगाती रोशनी के बीच केदारनाथ धाम के दर्शन भक्तों ने किए। मौका था श्री भोलेश्वर महादेव मंदिर समिति की ओर से ढलाईघर डालीगंज स्थित श्री भोलेश्वर महादेव मन्दिर मे सावन के छठे सोमवार पर सजी भोलेनाथ की भव्य व मनोहारी झांकी। एक नही दो दो झांकी के दर्शन हुए। देश के 12 ज्योतिलिंर्गों मे से सर्वोत्तम केदारनाथ धाम व बाबा अमरनाथ धाम की। मंदिर के मुख्य द्वार पर 80 फीट ऊंची बाबा महाकाल की झांकी सजाई गई। यहां पर भोलेनाथ के संग सेल्फी लेने की होढ लगी रही। महाकाल के दर्शन करने के बाद भक्तों ने पहाड़ और गुफा के अंदर होते हुए बर्फ के ठंडे पानी से गुजरने के बाद केदारनाथ धाम के दर्शन किए। उसके बाद अमरनाथ की झांकी रंगीन बर्फ के बीच 4 फीट ऊचे शिवलिंग के बाबा अमरनाथ बफार्नी की झांकी बनाई गई। जिसके दर्शन करने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में भोलेनाथ का रंगीन बर्फ से श्रंगार किया गया। कई कुंतल बर्फ से सजी झांकी लोगों ने जब देखा तो लोग भावविभोर हो गए। भोलेनाथ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। झांकी के दर्शन से पहले समिति के अनिल कुमार अग्रवाल, बृजेंद्र अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, अवधेश अग्रवाल, जितेन्द्र बंसल की अगुआई मे मन्दिर के पुजारी पंडित अरविंद तिवारी भगवान शिव की पूजा अर्चना और आरती की। दर्शन करने वाले सभी भक्तों को ठंडाई का प्रसाद दिया गया। अवधेश अग्रवाल, जितेन्द्र बंसल, विवेक अग्रवाल ने बताया कि दो कुंतल ठंडाई का वितरण किया गया। मंदिर के बाहर भजन संध्या का आयोजन किया गया। जिसमें भजन गायिका सुमिता श्रीवास्तव ने भजनों की वर्षा की।






