लखनऊ। सिंधी समाज के लोगों ने थदड़ी पर्व गुरुवार को बड़ी धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर महिलाओं और बच्चों में उत्साह देखने को मिला। शीतला माता मंदिर में जहां एक ओर दर्शन के लिए लंबी कतारें दिखीं तो वहीं घरों में महिलाओं ने पूजन अर्चना कर मंगलकामनाएं की। राजधानी के शीतला माता मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखी।
राजाजीपुरम, लालबाग सहादतगंज के प्राचीन शीतला देवी मंदिर के पट सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर कहीं शबद कीर्तन सुन गुरुवाणी में निहाल हुए भक्त तो वहीं लंगर में प्रसाद का वितरण किया गया। सिंधी सभा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सिंधी समाज के लोगों द्वारा हर्षोल्लास के साथ माता की पूजा अर्चना की गई। सिंधी सभा के अध्यक्ष अशोक मोतियानी ने बताया कि इस त्हायोर में महिलाएं पंडित के घर जाकर पूजा अर्चना करती हैं साथ ही मां शीतला को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाता है। पंडित सतीश शर्मा ने बताया कि भादो मास के कृष्ण पक्ष में मनाए जाने वाले त्योहार में महिलाएं अपने परिवार के स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना मां शीतला से करती हैं।
मीठा लोला संग खट्टे भात का लगाया भोग:
सिंधी समाज की महिलाओं ने त्योहार के अवसर पर विभिन्न प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जिसमें मीठा लोला, खट्टा भात, मिठाई, खिचड़ी और अन्य पकवानों का प्रसाद माता को अर्पित किया।
बासी पकवानों का ही लगता भोग:
गृहणी रीमा चन्दीरामनी ने बताया कि एक दिन पहले हम लोग घर में पकवानों को बना लेते हैं। जिसको अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। यह पर्व सिंधी समाज में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। संजय जेसवानी ने बताया कि थदड़ी त्योहार खुशियां लेकर आता है। त्योहार के दिन घर में कोई चूल्हा नहीं जलाती हूं। बांसी पकवानो को रात भर तैयारी कर बनाए व्यंजनों को प्रसाद के रूप में अगले दिन ग्रहण कर लोगों में वितरित करते हैं। दीपक लोहानी कहते हैं कि सुबह.सुबह पुरोहित के घर जाकर पूजा अर्चना कर मां शीतला का आशीर्वाद लेकर दिन की शुरूआत करते हैं। सिंधी समाज में इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाता है। गृहणी जीविशा ने बताया कि साल भर होने वाले त्योहारों में से एक थदड़ी मेरा पसंदीदा त्योहार है। व्यंजनों संग मां शीतला देवी की पूजा अर्चना करने की बात ही अलग है।





