गुईन रोड स्थित श्री बटुक भैरव देवालय परिसर में शुरू हुआ श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ
लखनऊ। अमीनाबाद गुईन रोड स्थित श्री बटुक भैरव देवालय परिसर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन गुरुवार को किया गया। मंदिर के पुरोहित कृष्णा नंद मिश्रा ने बताया कि अयोध्या से कथा व्यास आचार्य बालकृष्णाचार्य महाराज मंदिर की महंत व मुख्य यजमान बीना गिरि के निर्देशन में कथा करने पहुंचे हैं। कथा के पहले दिन भागवत के प्रथम स्कंध की चर्चा हुई। आचार्य ने शुकदेव और परीक्षित की कथा, गोकर्ण व धुंदुकारी की कथा का सुंदर वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
आचार्य ने राजा परीक्षित को दिए श्राप और फिर मुक्ति के लिए शुकदेव से मिलन की कथा सुनाई। बताया कि सात दिन बाद मृत्यु होने का श्राप मिलने से राजा परीक्षित चिंतित हो गए। मिलन के दौरान शुकदेव ने कहा कि सात दिन में मोक्ष सिर्फ भगवत गीता के श्रवण से ही मिल सकता है। राजा परीक्षित से भागवत भक्ति करने को कहा। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से वह परीक्षित सीख देते गए। मानव के जीवन में ज्ञान का विशेष महत्व है। ज्ञान व आचरण को जीवन के विकास के दो पक्ष माना जाता है। ज्ञान के बिना जीवन में अंधेरा है और आचरण के बिना जीवन की पवित्रता नहीं है।





