लखनऊ। उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने गुरुवार को बताया कि लॉकडाउन के मद्देनजर सरकार ने छात्रों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए कई उपाय किये हैं, जिसके तहत यह निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों से एक महीने से ज्यादा फीस न जमा कराई जाये। शैक्षिक सत्र में स्कूलों को फीस न बढ़ने के भी आदेश दिए गए हैं।
शर्मा ने यह भी बताया कि इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कराई गयी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन 5 मई से शुरू होगा। तीन मई के बाद विश्वविद्यालओं और डिग्री कॉलेज में भी परीक्षाएं कराने की तैयारी की जा रही है। वित्तविहीन स्कूलों को शिक्षकों के वेतन का भुगतान करने के भी निर्देश दिए गए है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए किये गए उपाय के तहत सभी स्कूलों को यह निर्देश दिए गए हैं कि अभिभावकों से एक महीने से ज्यादा फीस न जमा कराई जाये। शैक्षिक सत्र में स्कूलों को फीस न बढ़ने के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक अभिभावकों से एक साथ तीन महीने की फीस जमा कराने का क्रम चल रहा था। अब सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं, की वह एक महीने से ज्यादा की फीस नहीं जमा कराएंगे। इसमें भी अगर किसी अभिभावक को एक महीने की फीस जमा कराने में दिक्कत हो तो उसको आगे समायोजित करने को कहा गया है।
शर्मा ने कहा कि अभी तक देखने में आ रहा था कि स्कूल हर साल फीस बढ़ा देते हैं। अभिभावकों को राहत देने के लिए अब सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह इस सत्र में किसी भी तरह की फीस में बढ़ोतरी नहीं करेंगे। यह क्रम स्थगित रहेगा और 2019-2020 में जो फीस स्ट्रक्चर था उसके अनुसार ही शुल्क लिया जाए। उन्होंने कहा कि आॅनलाइन टीचिंग के निर्देश दिए गए थे, जो शुरू हो चुका है। छात्रों का कोर्स पूरा करने का क्रम जारी है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन का काम ५ मई से शुरू होगा। इसी तरह उच्च शिक्षण संस्थानों में परीक्षा ३ मई के बाद शुरू करने क तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि ३ मई के बाद १५ दिनों का समय देते हुए विश्वविद्यालओं और डिग्री कॉलेजों में परीक्षाएं कराने का प्रयास किया जा रहा है। हमे पूरा विश्वास है शैक्षिक सत्र नियमित होगा और किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आएगी।





