कांग्रेस ने राष्ट्रीय योज्ञता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (नीट-पीजी) 2023 के लिए योज्ञता परसेंटाइल को घटाकर शून्य किए जाने को लेकर बुधवार को दावा किया कि निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। पार्टी प्रवक्ता अजय कुमार ने यह दावा भी किया कि यह निजी मेडिकल कॉलेज में भाजपा का बम्पर लूट आफर शुरू हुआ है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने पिछले महीने सभी श्रेणियों में काउंसलिंग को लेकर पात्र होने के संबंध में नीट-पीजी 2023 के लिए योज्ञता परसेंटाइल को शून्य कर दिया। अजय कुमार ने संवाददाताओं से कहा, नीट की परीक्षा में सीटें नहीं भर पाने के कारण कटआफ को कम करने की मांग की गई। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए इसे जीरो कर दिया। उन्होंने दावा किया, निजी मेडिकल कॉलेज में भाजपा का बम्पर लूट आफर शुरू हुआ है। एमडी (रेडियोलॉजी) की कीमत पिछले साल 3 करोड़ रुपये थी इस साल 11 करोड़ हो गई। एमडी (मेडिसिन) की पढ़ाई की कीमत 5 करोड़ हो गई। है।
कुमार ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा आगामी चुनावों के लिए निजी चिकित्सा महाविद्यालयों से धन एकत्र करना चाहती थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा था कि नीट-पीजी 2023 के लिए अर्हता परसेंटाइल को शून्य तक घटाने से क्वालीफाइंग उम्मीदवारों का पूल बढ़ जाएगा, लेकिन पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए योज्ञता प्रणाली कमजोर नहीं होगी।
देश में 68,142 पीजी मेडिकल सीटें हैं। अब तक, 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार नीट के माध्यम से मेडिकल पीजी प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र थे।





