वैक्सीनेशन के लिए विशेष अभियान 11 से
ब्लॉक रिस्पॉंस टीम को दिया गया प्रशिक्षण
वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। शहर के करीब साढ़े नौ सौ बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं। जरूरी टीके के आभाव में उन्हें गम्भीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है। इन बच्चों के टीकाकरण के लिए आगामी 11 सितम्बर से विशेष अभियान चलाया जायेगा। इसके लिए मंगलवार को ब्लॉक रिस्पॉन्स टीम (बीआरटी) को प्रशिक्षण दिया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. ए पी मिश्रा ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) 5.0 का दूसरा चरण 11 सितंबर से शुरू होगा, जो 16 सितंबर तक चलेगा। इसी के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में ब्लॉक रिस्पॉन्स टीम (बीआरटी) का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान 5.0 तीन चरणों में चलाया जा रहा है। इसका पहला चरण सात से 12 अगस्त तक आयोजित किया जा चुका है।
डा. मिश्रा ने बताया कि शहर में करीब साढ़े नौ सौ बच्चे ऐसे हैं, जो टीकाकरण से वंचित है। ऐसे बच्चों की संख्या मलिन बस्ती में अधिक है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों को चिन्हित करते उनकी सूची बनायी जायेगी। रिस्पॉन्स टीम ऐसे घरों का भ्रमण कर उन्हें टीकाकरण से होने वाले लाभों के बारे में बतायेगी। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से कहा कि ऐसे परिवारों को राजी करना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि एक तो इसके कारण ही शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो पा रहा है दूसरे बच्चे खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों के चपेट में आ सकते हैं जो कि संक्रामक हैं। यह बीमारी अन्य बच्चों को भी प्रभावित कर सकती है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने कहा कि परिवार के सदस्यों को बताएं कि टीकाकरण न करवाने से बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है, जिसके कारण बच्चा बार-बार बीमारियों की चपेट में आ सकता है टीका न लगवाने से बच्चा ऐसी बीमारियों की चपेट में आ सकता है जो उसे शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग बना सकती है। कुछ में तो उसकी जान भी जा सकती है। बच्चा बीमार होगा तो मां-बाप को अस्पताल के चक्कर लगाने होंगे, जिससे पूरा परिवार परेशान होता है। ऐसे में पैसा और समय दोनो ही बर्बाद होते हैं। इन सबसे बचना है तो बच्चे का नियमित टीकाकरण अवश्य करायें।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज अग्रवाल ने कहा कि नियमित टीकाकरण और मीजल्स रूबेला (एमआर) उन्मूलन स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता में है। अब भी कुछ परिवार ऐसे हैं जो बच्चों का टीकाकरण नहीं करवाते हैं, जिसके कारण शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक स्तर पर बीआरटी गठित की गई है, जो ऐसे घरों का भ्रमण करती है जो कि बच्चों का टीकाकरण करवाने का विरोध करते हैं। टीम ऐसे घरों का भ्रमण कर परिवार को मोबिलाइज करते हुए टीकाकरण करवाने का प्रयास करती है, इसलिए नियमित टीकाकरण में बीआरटी की भूमिका अहम है। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 105 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया।





