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लालू की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अप्रैल में इस तारीख को करेगा सुनवाई

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह करोड़ों रुपए के चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में राजद प्रमुख लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर 10 अप्रैल को सुनवाई करेगा। इन मामलों में लालू को दोषी ठहराया गया है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की पीठ ने सीबीआई से इस संबंध में नौ अप्रैल तक जवाब देने को कहा है और कहा कि लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार दस अप्रैल को की जाएगी।

सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जमानत याचिका को अविलंब सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की मांग करते हुए कहा कि मामले में नोटिस जारी किया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले में एजेंसी को जवाब दायर करने की आवश्यकता है। पीठ ने कहा, आप (सीबीआई) नौ अप्रैल तक जवाब दायर करें। हम 10 अप्रैल को मामले (लालू की जमानत याचिका) पर सुनवाई करेंगे। पूर्व की सुनवाई में लालू ने शीर्ष अदालत से कहा था कि तीन मामलों में उन्हें सजा सुनाए जाने के बाद वह 22 महीनों से जेल में हैं। सिब्बल ने पीठ को बताया कि प्रसाद को तीन मामलों में क्रमश: साढ़े तीन साल, 14 साल और पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है।

मुझे एक ही अपराध के लिए एक ही सबूतों के आधार पर

उन्होंने कहा, मुझे एक ही अपराध के लिए एक ही सबूतों के आधार पर तीन मामलों में दोषी ठहराया गया। मैंने पहले ही जेल में 22 महीने बिता लिए हैं। सिब्बल ने न्यायालय ने सवाल किया, एक ही सबूत के आधार पर एक ही अपराध के लिए मुझे तीन मामलों में कैसे दोषी ठहराया जा सकता है? इस पर न्यायालय ने सिब्बल से उन अपराधों के बारे में पूछा जिसके तहत लालू को दोषी ठहराया गया था। वकील ने कहा, मुझे (लालू को) भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 420 (धोखाधड़ी) और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की धारा 13 के तहत दोषी ठहराया गया।

इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेन्ट्रल

इस समय रांची के बिरसा मुंडा सेन्ट्रल जेल में बंद राजद प्रमुख ने झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा 10 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी है। 900 करोड़ रुपए से अधिक के चारा घोटाले से संबंधित तीन मामलों में प्रसाद को दोषी ठहराया गया है। ए मामले 1990 के दशक की शुरुआत में पशुपालन विभाग के कोषागार से धोखाधड़ी से धन निकालने से संबंधित हैं। उस समय झारखंड बिहार का हिस्सा था। जिस समय कथित घोटाला हुआ था उस समय राजद बिहार में सत्ता में थी और लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री थे। राजद प्रमुख पिछले कुछ महीने से रांची स्थित राजेन्द्र चिकित्सा विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज करा रहे हैं।

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