पुरूषों की तुलना में महिलाओं में यह दिक्कत अधिक
विश्व आस्टियोपोरोसिस दिवस कल
वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। बेढ़गी दिनचर्या महिलाओं की सेहत भारी पड़ रही है। समय से पहले ही वह हड्डियों को खोखला करने वाली बीमारी आस्टियोपोरोसिस का शिकार हो रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो यह बीमारी पुरूषों को भी होती है लेकिन महिलाएं इसकी चपेट में अधिक आती है।
विश्व आस्टियोपोरोसिस दिवस से पूर्व इस बीमारी की गम्भीरता पर चर्चा करते हुए वरिष्ठ आर्थोपेडिक सर्जन डा. जीपी गुप्ता ने बताया कि कि आस्टियोपोरोसिस हड्डियों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में व्यक्ति की बोन मास डेंसिटी (बीएमडी) कम हो जाती है, जिसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उनके टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
यह बीमारी हड्डियों को इतना कमजोर बना देती है कि हल्के से झटके या गिरने से भी हड्डी में फ्रैक्चर हो सकता है। आस्टियोपोरोसिस संबंधी फ्रैक्चर ज्यादातर कूल्हे, कलाई या रीढ़ की हड्डी में होते हैं। महिलाओं में यह बीमारी अधिक होने की वजह यह है कि उनकी हड्डियों का घनत्व पुरुषों के मुकाबले कम होता है और उम्र बढ़ने के साथ इसमें तेजी आती है।
मीनोपॉज के बाद उनमें यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि मीनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन मात्रा घटने लगी है, जिससे शरीर में कैल्शियम का अवशोषण कम होने लगता है। इसका पता तब चलता है, जब हल्की सी चोट या झटके की वजह से फ्रैक्चर हो जाता है। जो लोग बढ़ती उम्र में शारीरिक व्यायाम नहीं करते, धूप में घर से बाहर नहीं निकलते, तली भुनी चीजों का सेवन ज्यादा करते हैं। उनमें यह बीमारी ज्यादा देखी जाती है।
वह बताते हैं कि महिलाओं में एस्ट्रोजन बीएमडी लेवल को बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मेनोपोज के बाद शरीर में एस्ट्रोजन लेवल कम होने से बीएमडी में तेजी से गिरावट आती है। इसकी वजह से इस बीमारी का प्रकोप बढ़ जाता है।
आस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए थोड़ी देर धूप में जरूर बैठें: डा. जीपी गुप्ता

आस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए जरूरी है कि संतुलित भोजन लें और कुछ देर धूप में जरूर बैठे। कैल्शियम को शरीर में घुलने के लिए विटामिन डी की जरूरत होती है, लेकिन धूप में घर से बाहर नहीं निकलने वाले लोगों में विटामिन डी की कमी हो जाती है। इस वजह से उनकी हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती हैं।
डॉक्टर के अनुसार खाने से कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में शरीर में एब्जॉर्ब हो, इसके लिए शरीर में विटामीन डी का होना चाहिए। सूर्य की रोशनी से विटामिन डी बनता है। अगर आप रोजाना एक घंटा धूप में रहें तो आपको विटामिन डी की कमी नहीं होगी, लेकिन आजकल भागदौड़ भरी लाइफ में ज्यादातर लोग धूप का सेवन नहीं कर पाते हैं जिससे उन्हें विटामिन डी की कमी हो जाती है। बिना फैट वाला दूध, दही, ब्रोकली, गोभी, मछलियां जैसे सैलमन, बादाम, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि कैल्शियम का बेहतर स्रोत हैं। इसको लेने से हड्डियां मजबूत होती हैं।
ऐसे करें बचाव
- शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं
- खानपान में कैल्शियम, विटामिन-के शामिल करें
- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं पोषणयुक्त आहार अवश्य लें
- विटामिन-डी के लिए धूप सेकें
- स्मोकिंग और अल्कोहल से परहेज करें
- वजन नियंत्रित रखें





