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भड़ली नवमी आज, भक्त करेंगे मां पार्वती की आराधना

लखनऊ। हिंदू धर्म में साल भर कई शुभ मुहूर्त निकलते हैं, लेकिन कुछ तिथियां इतनी खास होती हैं कि उनमें पंचांग देखकर मुहूर्त निकालने की झंझट ही खत्म हो जाती है। इन्हें ज्योतिष भाषा में स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा जाता है, यानी खुद से सिद्ध, अपने आप में शुभ। भड़ली नवमी इसी श्रेणी की एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो हर साल आषाढ़ माह में आती है। 2026 में यह तारीख 22 जुलाई को पड़ रही है, और इसका महत्व इस बात से और बढ़ जाता है कि इसके महज दो दिन बाद ही चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जिसमें चार महीने तक सभी मंगल कार्यों पर विराम लग जाता है। यही वजह है कि इस तारीख को लेकर लोगों में खासा उत्साह और जानकारी जुटाने की रुचि देखी जाती है। पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 22 जुलाई 2026 को सुबह 5:16 बजे से आरंभ होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 23 जुलाई 2026 की सुबह 7:03 बजे होगा। इसी अवधि में भड़ली नवमी का पुण्य काल माना जाएगा।

चातुर्मास से पहले अंतिम अवसर
भड़ली नवमी के बाद 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास की शुरूआत हो जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान भगवान विष्णु क्षीर सागर में चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं, और इस अवधि में सृष्टि का कामकाज भगवान शिव संभालते हैं। चातुर्मास के इन चार महीनों में विवाह, गृह प्रवेश जैसे किसी भी मांगलिक आयोजन की मनाही होती है। इसलिए भड़ली नवमी को इन कार्यों के लिए साल का आखिरी और सबसे सुरक्षित मौका माना जाता है। खास बात यह भी है कि जिन लोगों की कुंडली मिलान में विवाह योग्य मुहूर्त निकालना कठिन हो जाता है, शास्त्रों में उनके लिए भी इस दिन विवाह करने की छूट दी गई है।

भड़ली नवमी पर किए जाने वाले शुभ कार्य
विवाह संपन्न करना या सगाई की रस्म तय करना, नए मकान या दुकान में प्रवेश, व्यापार, आॅफिस या किसी नए प्रोजेक्ट का शुभारंभ, वाहन, भूमि या अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी, मुंडन संस्कार और जनेऊ (उपनयन) संस्कार, हवन, कलश स्थापना और पारिवारिक धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता।

धार्मिक मान्यता
इस तिथि पर मां पार्वती की आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है, ऐसा शास्त्रों में उल्लेख मिलता है। साथ ही जो श्रद्धालु भगवान विष्णु की उपासना में विश्वास रखते हैं, वे इस दिन व्रत रखकर पूजा-हवन करते हैं। अगर किसी के घर में कोई शुभ कार्य लंबित है और सही मुहूर्त न मिलने से देरी हो रही है, तो भड़ली नवमी उसके लिए बिना किसी जटिल गणना के एक भरोसेमंद विकल्प बन सकती है ।

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