प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ ने जताया विरोध
वरिष्ठ संवाददाता लखनऊ। अस्पतालों में डाक्टरों की अनुपस्थिति की शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव ने सीडीओ व एसडीएम स्तर के अधिकारियों को डॉक्टरों की हाजिरी जांचने का आदेश दिया है। प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इस पर विरोध जताया है।
मालूम हो कि जनवरी माह में प्रमुख सचिव वी हेकाली झिमोमी ने आदेश दिया था कि डाक्टरों की हाजिरी की जांच सीडीओ व एसडीएम स्तर के अधिकारी करेंगे। डाक्टरों ने उस समय तो इसका विरोध नहीं किया मगर अब उन्हें यह आदेश रास नहीं आ रहा है। प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के महासचिव ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को पत्र लिखकर इस आदेश पर एतराज जताया है।
प्रान्तीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. सचिव वैश्य का कहना है कि डाक्टर उच्च शिक्षा प्राप्त राजपत्रित अधिकारी है और सीडीओ व अन्य कर्मियों द्वारा उसकी हाजिरी लेना या फिर अस्पताल का निरीक्षण करना सर्वथा अनुचित है। वहीं जिलाधिकारी गोण्डा नेहा शर्मा ने गोण्डा के अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन व मुख्य विकास अधिकारी समेत तहसील के कई अफसरों का ड्यूटी चार्ज जारी कर दिया।
डीएम गोण्डा ने जिल के सभी अस्पतालों व सीएचसी-पीएचसी के लिए निरीक्षण अफसरों को नामित कर दिया। इस आदेश की जानकारी जब जिले के डाक्टरों को लगी तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। प्रान्तीय चिकित्सा संवा संघ उनके पक्ष में आ गया। संघ के महासचिव डॉ. अमित सिंह ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं को एक पत्र प्रेषित कर दिया।
अपने पत्र में डॉ. सिंह ने प्रमुख सचिव के जनवरी में जानकारी उस आदेश का हवाला दिया जिसमें उन्होंने अस्पतालों के निरीक्षण व डाक्टरों की हाजिरी के लिए जिलाधिकारियों को अफसर नामित किए जाने की बात कही थी। प्रमुख सचिव ने अपने आदेश में कहा था कि मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी अथवा उनके समकक्ष अफसरों को निरीक्षण के लिए नामित किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करते हुए तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी व उप जिलाधिकारी को निरीक्षण के लिए नामित किया जा रहा है। उन्होंने महानिदेशक से मांग की कि प्रमुख सचिव के आदेश से इतर गोण्डा में जो व्यवस्था की गयी है उसे निरस्त कराया जाए।





