नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ईपीएफ अकाउंट को आधार से लिंक करने की डेडलाइन को बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया है। इससे पहले इसकी आखिरी तारीख 31 अगस्त थी। संगठन ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है। 31 दिसंबर के बाद भी आधार नंबर को लिंक नहीं करने पर आपके खाते में कंपनी की ओर से आने वाला कॉन्ट्रिब्यूशन रोक दिया जाएगा। इसके अलावा, आपको ईपीएफ अकाउंट से पैसा निकालने में भी परेशानी हो सकती है। ईपीएफओ एक्ट के तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 फीसद ईपीएफ अकाउंट में जाता है। तो वहीं, एम्प्लॉयर (कंपनी) भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी प्लस डीए का 12 फीसद कॉन्ट्रिब्यूट करती है।
कंपनी के 12 फीसद कॉन्ट्रिब्यूशन में से 3.67 फीसद कर्मचारी के पीएफ अकाउंट में जाता है और बाकी 8.33 फीसद कर्मचारी पेंशन स्कीम में जाता है। ईपीएफ अकाउंट पर सालाना 8.50 फीसद ब्याज मिल रहा है। बता दें कि भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत होने के साथ ही कर्मचारी इस संगठन का सदस्य बन जाता है और इसके साथ ही उसे 12 अंकों का यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) भी जारी कर दिया जाता है। इस नंबर की मदद से ईपीएफओ की सुविधाओं का आॅनलाइन इस्तेमाल किया जा सकता है। यूएएन नंबर की मदद से एक कर्मचारी अपने पीएफ अकाउंट की पासबुक आनलाइन तो देख ही सकता है, साथ ही वो अपना पीएफ (प्रोविडेंड फंड) बैलेंस भी आॅनलाइन चेक कर सकता है।





