बाबू जी कर्मयोगी थे, उनके रास्ते पर चलना हमारा सौभाग्य-विराज सागर दास
पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबू बनारसीदास की 109वीं जयंती पर दी गयी भावपूर्ण श्रद्धाजंलि
वरिष्ठ संवाददाता
लखनऊ। बाबू बनारसी दास नगर निवासी कल्याण समिति के तत्वावधान में गुरुवार को पुराना किला स्थित आवास पर पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबू बनारसी दास की 109वीं जयंती पर हुए कार्यक्रम में उन के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करके नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि जग में बिरले जन्म लेते हैं जो निस्वार्थ भाव से देश व समाज के प्रति समर्पित भाव से काम कर अपनी अमिट छाप छोड़ जाते हैं। उनके अवसान के बाद भी समाज उन्हें याद करता है।
श्रद्धांजलि सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने बाबू बनारसी दास जी को महान चिंतक, क्रान्तिकारी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, शिक्षा का प्रचारक व धर्म निरपेक्ष राजनीतिज्ञ बताते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। कहा कि 28 फरवरी 1979 को बाबू जी उप्र के मुख्यमंत्री बने और 18 फरवरी 1980 तक उन्होंने प्रदेश की बागडोर संभाली। अपने इस छोटे से कार्यकाल में उन्होंने प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक योजनाओं पर काम किया। कृषि, किसानों के लिए अनेक हितकारी फैसले लेने के साथ ही सहकारिता व्यवस्था को सुदृढ़ किया। साथ ही राज्य कर्मचारियों, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, भाषा व कौमी एकता के प्रति समर्पित भाव से काम करते हुए प्रदेश को मजबूती के साथ आगे बढ़ाने के लिए भी अनेक कार्य किये। उनके कार्यकाल की अनेक अनूठी मिसालें मील का पत्थर साबित हुईं जो आज भी प्रासंगिक हैं।
स्वर्गीय बाबू बनारसी दास के पुत्र व बीबीडी ग्रुप के निदेशक आर के अग्रवाल ने कहा कि ‘मेरे पिता जी साधारण जीवन शैली के साथ आम लोगों के मध्य रहना पसंद करते थे। सबके साथ आसानी से घुल मिल जाते थे। यही कारण था कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष या मुख्यमंत्री आवास के बजाय अपने पुराना किला स्थित घर में ही रहना पसंद किया। ऐसे स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री की सादगी भरी जीवन शैली आज भी प्रेरणा प्रदान करती है। हम सबको उनके बताये मार्ग का अनुसरण कर समाज को सही दिशा देनी चाहिए।’
बीबीडी ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती अल्का दास जी ने भावपूर्ण श्रद्वांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबू जी का व्यक्तित्व विराट था। उनके बताये रास्ते पर चलने के लिए बीबीडी ग्रुप दृढ़ संकल्पित है।
बीबीडी ग्रुप व अखिलेश दास फाउंडेशन के चेयरमैन, यूपी बैडमिंटन एसोसिएशन के अध्यक्ष व बाबू बनारसी दास के पौत्र विराज सागर दास ने कहा कि बाबू जी कर्मयोगी थे। उनका भरोसा कर्म और सेवा पर आधारित था। उनके बताये मार्ग का अनुसरण करने का हमें सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उनके बताये रास्ते का अनुसरण कर समाज के प्रति सेवाभाव के मार्ग पर सदैव चलने का संकल्प दोहराते रहेंगे व मानव सेवा के मार्ग पर मजबूती से चलते रहेंगे। बीबीडी ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन सोनाक्षी दास ने भी श्रद्वासुमन अर्पित किये।
बाबू बनारसी दास जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके निजी सचिव रहे धर्म सिंह ने बाबू जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कहा कि बाबू जी राजनीति में रहकर जीवन पर्यंत समाजिक सरोकारों से अपने को संबद्ध कर प्रदेश के विकास के लिए प्रयासरत रहे। योजनाएं बनाकर उनका पूरे मनोयोग से क्रियान्वयन भी कराया।
बाबू जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देने वालों में पूर्व पार्षद अरुण गुप्ता, सुशील दुबे, कैलाश पांडेय, वंदना राज अवस्थी, उमा गुप्ता, उषा बाल्मीकि, कमलेश गुप्ता, शान बख्शी, अजय श्रीवास्तव, आशा मौर्या, हसन आब्दी, सर्वेश अवस्थी, नृपेन्द्र सिंह, महेश राठौर, धीरज गुप्ता, निहाल खान, डॉ पी एस जायसवाल, राजीव बाजपेई, आमिर साबरी, रेहान अहमद खान, सुबोध श्रीवास्तव, चन्द्र प्रकाश गोयल, के सी यादव, अमित शर्मा, ऋषभ गुप्ता, अरविंदर पटेल, अभिषेक त्रिपाठी व प्रदीप कुमार, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के संयोजक अशोक सिंह आदि शामिल थे।





